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विश्व रक्तदाता दिवस पर राज्यपाल रमेन डेका ने किया 30 स्वैच्छिक रक्तदाताओं का सम्मान, बोले- 'रक्तदान सबसे बड़ा दान, इससे बड़ी कोई सेवा नहीं'

रायपुर, 14 जून 2026/ "मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है दूसरे के जीवन की रक्षा करना और यह अपने ही रक्त की एक बूंद से संभव हो सके, तो इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं है। रक्त का दान ही वास्तव में संसार का सबसे बड़ा दान है।" यह प्रेरक विचार छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने आज प्रदेश के जांबाज स्वैच्छिक रक्तदाताओं का सम्मान करते हुए व्यक्त किए।

30 स्वैच्छिक रक्तदाताओं सहित विभिन्न संस्थाओं के सदस्य हुए सम्मानित
विश्व रक्तदाता दिवस के पावन अवसर पर 'भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी छत्तीसगढ़ राज्य शाखा' द्वारा स्वैच्छिक रक्तदाताओं के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए राजभवन स्थित लोकभवन में एक गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस के पदेन अध्यक्ष व राज्यपाल रमेन डेका ने राज्य में सर्वाधिक बार और निरंतर रक्तदान करने वाले प्रदेश के 30 जांबाज स्वैच्छिक रक्तदाताओं सहित इस पुनीत कार्य में जुटीं विभिन्न सामाजिक संगठनों और संस्थाओं के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस विशेष अवसर पर लोकभवन में रेडक्रॉस द्वारा एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित आम नागरिकों ने बड़े ही उत्सव पूर्वक हिस्सा लेकर रक्तदान किया।
रक्तदाताओं ने निःस्वार्थ भाव से लोगों को नया जीवन दिया है: राज्यपाल
समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि विज्ञान की तमाम प्रगतियों के बावजूद आज भी रक्त का कोई कृत्रिम (Artificial) विकल्प उपलब्ध नहीं है। यह केवल एक स्वस्थ व्यक्ति के स्वैच्छिक और जागरूक दान से ही किसी जरूरतमंद को उपलब्ध हो सकता है। राज्यपाल ने रेखांकित किया कि थैलेसीमिया, सिकल सेल, गंभीर एनीमिया, हीमोफिलिया, कैंसर जैसी असाध्य बीमारियों तथा मार्ग दुर्घटना जैसी आपातकालीन स्थितियों में समय पर रक्त की उपलब्धता ही जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करती है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ के नागरिकों की दिल खोलकर सराहना करते हुए कहा कि यहाँ के लोगों में जो निश्छल सेवा भाव है, वह अन्यत्र देखने को नहीं मिलता। हमारे इन रक्तदाताओं ने वर्षों से निःस्वार्थ भाव से रक्तदान कर न जाने कितने अनजान लोगों को नया जीवनदान दिया है। ऐसे रक्तदाता समाज के असली नायक और प्रेरणापुंज हैं, जिनकी सेवा भावना आने वाली युवा पीढ़ियों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण पेश करती है। इसके साथ ही राज्यपाल ने रेडक्रॉस ब्लड बैंक और उसकी पूरी मेडिकल टीम के उत्कृष्ट कार्यों की भी पीठ थपथपाई, जो सुदूर अंचलों तक जीवनदायी रक्त पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।
रेडक्रॉस की विशेष स्मारिका का विमोचन
समारोह के दौरान छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन तोमन साहू ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. रूपल पुरोहित ने सभी अतिथियों का आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर रेडक्रॉस द्वारा प्रकाशित एक विशेष 'रेडक्रॉस स्मारिका' का आधिकारिक विमोचन भी राज्यपाल के कर-कमलों से संपन्न हुआ।
इस गौरवशाली कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस के उपाध्यक्ष रूपेश पाणिग्रही, कोषाध्यक्ष संजय पटेल, रेडक्रॉस ब्लड सेंटर रायपुर के प्रभारी डॉ. सत्यनारायण पाण्डेय, पूर्व चेयरमैन अशोक अग्रवाल सहित रेडक्रॉस के वरिष्ठ पदाधिकारी, स्वैच्छिक रक्तदाता, सहयोगी डॉक्टरों की टीम और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सम्मानित प्रतिनिधि भारी संख्या में उपस्थित थे।







