Breaking
- Women Empowerment: तालाब से महिलाओं ने संवारी अपनी तकदीर, मछली पालन से लाखों ...
- Tourism Awards: छत्तीसगढ़ में पर्यटन क्षेत्र के बेहतरीन काम को मिलेगा सम्मान,...
- Women Empowerment News: नारी सम्मान और स्वावलंबन से समृद्ध छत्तीसगढ़ का संकल्...
- Nepal Flood News: नेपाल बाढ़ में लापता भारतीयों को लेकर मंत्री राजेश अग्रवाल ...
- Cultural Event News: रायपुर में तीन दिन गूंजेंगी छत्तीसगढ़ की लोकधुनें, ‘रंग ...
- Critical Minerals: नवा रायपुर में कल होगा खनिज ब्लॉक्स की नीलामी को लेकर रोड शो
- Bastar Change: छिंदनार में बदली तस्वीर, धमाकों की जगह ग्रामीणों ने सुनी ‘मन क...
- Mann Ki Baat: मुख्यमंत्री साय ने 137वीं कड़ी सुनी, नशामुक्त युवा और नवाचारों ...
- Raipur Stray Cattle Drive: सड़कों पर खुले मवेशियों पर निगम सख्त, धरपकड़ के सा...
- Crime News: लिफ्ट मांगने को लेकर हुआ विवाद, स्कूटी सवारों ने युवक पर किया चाक...
जवानों के शौर्य ने लिखा बस्तर का नया इतिहास: विजय शर्मा, अमर वाटिका में शहीदों को दी श्रद्धांजलि

रायपुर। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने जगदलपुर स्थित अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बस्तर क्षेत्र में तैनात वीर जवानों के अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों के शौर्य ने बस्तर का नया इतिहास लिखा है। नक्सलवाद के खिलाफ अभियानों में मिली सफलताओं का श्रेय जवानों के साहस, समर्पण और दृढ़ संकल्प को जाता है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन परिस्थितियों और आईईडी जैसे खतरों के बीच जवानों ने पूरी निष्ठा से अपना कर्तव्य निभाया है। राज्य गठन के 25 वर्षों के भीतर छत्तीसगढ़ पुलिस के 141 जवानों को गैलेंट्री अवार्ड मिलना उनके शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बस्तर के 93 नए स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया है, जिससे इन क्षेत्रों में लोकतंत्र और विश्वास की नई नींव मजबूत हुई है। उन्होंने 210 नक्सलियों के 163 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण को भी पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
विजय शर्मा ने कहा कि सरकार बस्तर की जल, जंगल और संस्कृति को संरक्षित रखते हुए बच्चों को आधुनिक शिक्षा और तकनीक से जोड़ने पर काम कर रही है। टेकुलगुड़म जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा कैंपों को ‘शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित करने की योजना है, जहां स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी और कौशल विकास केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था की स्थापना में सुरक्षा बलों के साथ स्थानीय जनता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।







