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जिला पंचायत रायपुर की बैठक में जनहित के मुद्दों पर हंगामा, वतन चन्द्राकर ने सरकार को घेरा

Chhattisgarh RRT News Desk 22 April 2026

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आरंग। मंगलवार को आयोजित जिला पंचायत रायपुर की सामान्य सभा की बैठक में जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दे जोर-शोर से उठाए गए। जिला पंचायत सदस्य वतन चन्द्राकर ने बैठक में जमीन आवंटन से लेकर पेयजल, किसानों और पंचायतों से जुड़े विषयों पर सरकार को घेरते हुए तीखी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों के दबाव में काम कर रही है और आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।बैठक में चन्द्राकर ने रीवा क्षेत्र में लगातार बनी हुई पेयजल समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने लखौली स्थित पुलिस बटालियन तक सेंध जलाशय से लाई गई पाइपलाइन को आगे बढ़ाते हुए रीवा तक पहुंचाने तथा चपरीद से भी पाइपलाइन विस्तार कर पानी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा, जिसे सामान्य सभा में पारित कर शासन को भेजा गया।इसके अलावा उन्होंने आरंग विकासखंड की 16 पंचायतों में आदिवासी विभाग से स्वीकृत निर्माण कार्यों की राशि पिछले तीन वर्षों से लंबित होने का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि कार्य पूर्ण होने के बावजूद भुगतान नहीं होने से पंचायतों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए राशि तत्काल जारी की जाए।चन्द्राकर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों की समस्या भी उठाई।

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 उन्होंने बताया कि कई पंचायतों में आवास निर्माण पूरा होने के बावजूद पिछले चार महीनों से राशि का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे गरीब परिवारों को कठिनाई हो रही है। स्वच्छता विभाग के अंतर्गत शौचालय निर्माण करने वाले करीब 4000 हितग्राहियों को भी अब तक भुगतान नहीं मिलने का मुद्दा बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के बाद भी राशि लंबित रखना सरासर अन्याय है।इसके साथ ही उन्होंने 15वें वित्त की राशि पंचायतों को समय पर आहरण नहीं होने की समस्या पर भी ध्यान आकर्षित किया। इससे गांवों में मूलभूत विकास कार्य बाधित हो रहे हैं।पीएचई विभाग के अधूरे पड़े जल टंकियों को शीघ्र पूर्ण कर जल वितरण व्यवस्था को सुचारू करने की मांग भी बैठक में रखी गई। उन्होंने कहा कि अधूरी योजनाओं के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। 


चन्द्राकर ने भलेरा सोसाइटी में धान में पानी डलवाने वाले सोसाइटी अध्यक्ष के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर भी नाराजगी जताई और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।ग्राम पंचायत रसनी में पंचायत की सहमति के बिना 56 एकड़ जमीन उद्योग विभाग को आवंटित किए जाने के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने इसे ग्रामीणों के अधिकारों का हनन बताया।इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि समोदा बैराज से अडानी प्लांट रायखेड़ा तक पाइपलाइन बिछाने के लिए किसानों की जमीन बिना मुआवजा दिए खोदी जा रही है और उद्योगपतियों की ये हितैषी सरकार 600 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अड़ानी को पानी देने के लिए मुहमेला तथा चिखली में नए बैराज के निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की है, जबकि गांवों में आज भी पेयजल की समस्या बनी हुई है।अंत में उन्होंने पारागांव आरंग की सोसाइटी में सेल्समैन द्वारा हितग्राहियों से अंगूठा लगवाकर चावल गबन करने के मामले को उठाया। उन्होंने कहा कि केवल निलंबन की कार्रवाई कर मामले को दबाने की कोशिश की गई है, जबकि दोषी से वसूली और एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।बैठक में उठाए गए इन मुद्दों के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात कही गई है। 

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