Breaking
- नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर विकास की नई इबारत लिख रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्र...
- Swine Flu Alert: छत्तीसगढ़ में 24 घंटे में H1N1 के 10 नए केस, संक्रमितों का आ...
- Accident: तेज रफ्तार माजदा ने श्रद्धालुओं से भरी पिकअप को मारी टक्कर, 2 की मौ...
- शराब के नशे में घर लौटे भतीजे को मौसी ने लगाई फटकार, डंडे से हमला कर कर दी हत्या
- Cow Protection: बारिश में गौवंश की सुरक्षा को लेकर महापौर सख्त, फुंडहर गौधाम ...
- Cow Shelter Inspection: रायपुर के फुण्डहर और गोकूल नगर गोधाम पहुंचे आयुक्त, व...
- Women Empowerment: महतारी वंदन से जशपुर की महिलाओं को मिला आर्थिक संबल, आत्मन...
- जशपुर में आधुनिक फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण के लिए 5.49 करोड़ रुपये की प्रशास...
- मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय और सीएमडीसी के म...
- TIN पोर्टल खनिज संसाधनों को जनजातीय आजीविका से जोड़ने वाली ‘मिनरल-टू-लाइवलीहु...
यूपी विधानसभा सत्र: अनुपूरक बजट और कोडीन सिरप पर 'महासंग्राम'...

उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का पहला अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किए गए इस बजट में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के लिए अतिरिक्त फंड का प्रावधान किया गया है। बजट पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष ने इसे 'विकासोन्मुख' बताया, जबकि विपक्ष ने सरकार पर जनता के असल मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर भारी हंगामा किया। विपक्ष ने इसे प्रदेश का बड़ा घोटाला बताते हुए चर्चा की मांग की। अखिलेश यादव ने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि इस अवैध कारोबार को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। इसके जवाब में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति जारी रहेगी और इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
हंगामे के बीच सरकार ने उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा सेवा चयन आयोग (संशोधन) विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य निपटाए। इस विधेयक के पास होने से उच्च शिक्षण संस्थानों में चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी आने का दावा किया गया है। हालांकि, विपक्ष ने इसे जल्दबाजी में लिया गया निर्णय बताते हुए सदन से वॉकआउट भी किया। सत्र के दौरान शिक्षा और युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी लंबी बहस हुई।
सदन के बाहर भी राजनीतिक तापमान बढ़ा रहा। समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। कुछ विधायक सांकेतिक विरोध के तौर पर ट्रैक्टर पर सवार होकर विधानसभा पहुंचे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में भी खलबली मच गई। सपा का कहना है कि सरकार किसानों की समस्याओं और बढ़ती महंगाई पर जवाब देने के बजाय सदन का समय कम कर रही है।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बार-बार विपक्षी सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की। बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा और अखिलेश यादव पर सीधा हमला करते हुए कहा कि राज्य में विकास की गति को रोकने की कोशिश करने वाले तत्वों को जनता पहचान चुकी है। शाम तक चली कार्यवाही में वित्तीय अनुदान मांगों को मंजूरी दी गई और सदन को आगामी कार्यों के लिए स्थगित कर दिया गया।







-1783291154007_m.webp)