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कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका: जमानत पर लगी रोक, कोर्ट ने पूछा- "जमानत क्यों दी जाए?", 2 हफ्ते में मांगा जवाब...

नई दिल्ली। उन्नाव रेप केस के मुख्य दोषी और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सेंगर को मिली अंतरिम जमानत पर तत्काल रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया, जिसमें सेंगर को अपनी बेटी की शादी/पारिवारिक कारणों के आधार पर राहत मिली थी।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दोषी कुलदीप सेंगर को नोटिस जारी कर 2 हफ्ते के भीतर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई अब 4 हफ्ते बाद होगी।
हाईकोर्ट के फैसले पर SC ने जताया कड़ा रुख
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सेंगर को पारिवारिक दायित्वों को पूरा करने के लिए कुछ समय की अंतरिम जमानत मंजूर की थी। हालांकि, पीड़िता के पक्ष और सीबीआई (CBI) की ओर से इसका कड़ा विरोध किया गया। सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील में दलील दी गई कि सेंगर जैसे प्रभावशाली व्यक्ति का जेल से बाहर आना गवाहों और पीड़िता की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है।
क्या है उन्नाव रेप केस?
यह मामला साल 2017 का है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
दोषी: कुलदीप सिंह सेंगर को 2019 में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार का दोषी पाया गया था।
सजा: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर को उम्रकैद (मरते दम तक जेल) की सजा सुनाई थी। इसके अलावा उन पर भारी जुर्माना भी लगाया गया था।
अतिरिक्त सजा: सेंगर को पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में भी 10 साल की कड़ी सजा मिल चुकी है।
अब आगे क्या?
सुप्रीम कोर्ट के इस स्टे (Stay) का मतलब है कि कुलदीप सेंगर को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। 2 हफ्ते बाद सेंगर के वकील अपना जवाब दाखिल करेंगे, जिसके बाद कोर्ट यह तय करेगा कि उनकी अंतरिम जमानत बरकरार रहेगी या पूरी तरह रद्द कर दी जाएगी।
पीड़िता के वकीलों का कहना है कि यह न्याय की जीत है, क्योंकि इतने गंभीर अपराध के दोषी को किसी भी आधार पर बाहर रहने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए।







