छत्तीसगढ़ अपनी अछूती प्राकृतिक सुंदरता और घने जंगलों के लिए जाना जाता है, लेकिन यहाँ के वॉटरफॉल्स इसे किसी 'जन्नत' से कम नहीं बनाते। राज्य में कई ऐसे झरने हैं जिनकी तुलना विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से की जाती है। 'भारत का नियाग्रा' कहे जाने वाले बस्तर के चित्रकोट वॉटरफॉल की भव्यता हो या तीरथगढ़ जलप्रपात की दूधिया धाराएं, यहाँ का नजारा इतना मंत्रमुग्ध कर देने वाला है कि मेघालय की चेरापूंजी और कर्नाटक के जोग फॉल्स की यादें भी धुंधली पड़ जाती हैं। मानसून के दौरान इन झरनों का शोर और आसपास की हरियाली पर्यटकों को एक अलग ही शांति का अनुभव कराती है।
पर्यटन के लिहाज से छत्तीसगढ़ के ये वॉटरफॉल अब देश-दुनिया के पर्यटकों की पहली पसंद बन रहे हैं। कांगेर घाटी में स्थित तीरथगढ़ वॉटरफॉल सीढ़ीनुमा आकार में गिरता है, जो देखने में बेहद अद्भुत लगता है। वहीं, मैनपाट का टाइगर पॉइंट, जशपुर के दमेरा और राजपुरी जलप्रपात अपनी शांति और नैसर्गिक सुंदरता के लिए जाने जाते हैं। इन जगहों पर पहुंचकर न केवल आप प्रकृति के करीब महसूस करते हैं, बल्कि यहाँ की एडवेंचर एक्टिविटीज और स्थानीय संस्कृति भी यात्रा को यादगार बना देती है।
यदि आप मेघालय के बादलों या कर्नाटक के घाटों की सैर करने का मन बना रहे हैं, तो एक बार छत्तीसगढ़ के इन वॉटरफॉल्स का दीदार जरूर करें। यहाँ की बुनियादी सुविधाओं में सुधार और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलने से पर्यटकों के लिए सफर अब और भी आसान हो गया है। घने साल वनों के बीच छिपे ये जलप्रपात न केवल फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए स्वर्ग हैं, बल्कि भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर सुकून के पल बिताने के लिए सबसे बेस्ट डेस्टिनेशन हैं। छत्तीसगढ़ का यह 'वॉटरफॉल सर्किट' निश्चित रूप से आपकी बकेट लिस्ट में होना चाहिए।







