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Sports News: माओवादी अभियान में पैर गंवाने वाले टोमन कुमार ने पैरा आर्चरी में जीता स्वर्ण, देश का बढ़ाया मान

Chhattisgarh 09 September 2026

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के अहिबर नवागांव निवासी पैरा तीरंदाज और विश्व चैंपियन टोमन कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता है। अहमदाबाद में आयोजित वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज स्टेज-3 में टोमन कुमार और श्याम सुंदर स्वामी की पुरुष कंपाउंड जोड़ी ने फाइनल में इराक की जोड़ी को हराकर स्वर्ण अपने नाम किया। 

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फाइनल में इराकी जोड़ी को बड़े अंतर से हराया

पुरुष कंपाउंड डबल्स के फाइनल मुकाबले में टोमन कुमार और श्याम सुंदर स्वामी ने इराक के अब्बास काधिम और अनवर अलदावोड को 152-139 के अंतर से शिकस्त दी। भारतीय जोड़ी ने मुकाबले में शानदार तालमेल और सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। 

अहमदाबाद में आयोजित इस प्रतियोगिता में 19 देशों के पैरा तीरंदाज हिस्सा ले रहे हैं। यह भारत में पहली बार आयोजित हो रही वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज है। 

मुश्किल हालात से निकलकर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई

टोमन कुमार की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों के बावजूद पैरा तीरंदाजी में अपनी अलग पहचान बनाई है। माओवादी अभियान के दौरान पैर गंवाने के बाद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और खेल के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व किया।

आज टोमन कुमार विश्व स्तर के पैरा तीरंदाज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनके इस प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ के खेल जगत में भी खुशी का माहौल है।

भारत के खाते में आए कई पदक

वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज के तीसरे चरण में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के एक दिन भारत ने दो स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किए। पुरुष कंपाउंड टीम के साथ पुरुष रिकर्व टीम ने भी स्वर्ण पदक हासिल किया।

टोमन कुमार की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत के दम पर कठिन से कठिन परिस्थितियों को पीछे छोड़ा जा सकता है। बालोद के इस खिलाड़ी की सफलता अब देश के साथ छत्तीसगढ़ के युवाओं और पैरा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।

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