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बाघ का खौफ: छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर दिन-दहाड़े मवेशी का शिकार, जान बचाने पेड़ पर चढ़े ग्रामीण

छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा से सटे जंगली इलाकों में एक बार फिर बाघ का आतंक देखने को मिल रहा है। ताज़ा घटना में, एक आदमखोर बाघ ने दिन-दहाड़े मवेशियों के झुंड पर हमला कर दिया और एक मवेशी को अपना निवाला बना लिया। इस दौरान पास ही मौजूद ग्रामीणों ने जब बाघ को अपनी ओर बढ़ते देखा, तो अपनी जान बचाने के लिए वे आनन-फानन में पास के ऊंचे पेड़ों पर चढ़ गए।

दहशत के साये में ग्रामीण
यह घटना सीमावर्ती क्षेत्र के एक घने जंगल की बताई जा रही है, जहाँ ग्रामीण अपने मवेशियों को चराने के लिए गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार:
अचानक हमला: बाघ झाड़ियों में छिपा हुआ था और उसने अचानक गाय-बैलों पर हमला बोल दिया।
पेड़ पर बिताया वक्त: बाघ को सामने देख ग्रामीण इस कदर डर गए कि उन्हें भागने का रास्ता नहीं सूझा और वे पेड़ पर चढ़ गए। घंटों तक बाघ इलाके में मंडराता रहा, जिसके बाद वह जंगल की गहराई में चला गया।
वन विभाग का अलर्ट
घटना की सूचना मिलते ही छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र दोनों राज्यों के वन विभाग की टीमें अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
गश्त तेज: वन रक्षकों की टीम प्रभावित इलाकों में लगातार गश्त कर रही है।
ग्रामीणों को हिदायत: सीमावर्ती गांवों में मुनादी (घोषणा) कराई गई है कि ग्रामीण अकेले जंगल की ओर न जाएं और शाम ढलने से पहले सुरक्षित स्थानों पर लौट आएं।
ट्रैप कैमरे: बाघ की लोकेशन ट्रैक करने के लिए वन विभाग द्वारा संवेदनशील रास्तों पर ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं।
इस घटना के बाद से सीमावर्ती गांवों के लोगों में भारी आक्रोश और डर है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि बाघ को जल्द से जल्द रिहाइशी इलाकों से दूर खदेड़ा जाए ताकि वे बेखौफ होकर अपनी दैनिक गतिविधियों को अंजाम दे सकें।







