दुर्ग/भिलाई (छत्तीसगढ़): भिलाई के प्रतिष्ठित कल्याण कॉलेज में प्राचार्य के साथ अभद्रता और उन्हें जूते की माला पहनाने की कोशिश करने के मामले में दुर्ग पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले का मुख्य आरोपी, एक एनएसयूआई (NSUI) नेता, जो सार्वजनिक रूप से यह दावा करता था कि वह "दुर्ग पुलिस से नहीं डरता", घटना के बाद से ही अंडरग्राउंड हो गया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एनएसयूआई के दो अन्य पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रिंसिपल के केबिन में घुसकर किया था हंगामा
यह पूरा विवाद मंगलवार को भिलाई के कल्याण कॉलेज में हुआ, जब एनएसयूआई के कुछ पदाधिकारी और कार्यकर्ता कॉलेज की एक महिला सफाईकर्मी को नौकरी से निकालने और उसके साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में प्रदर्शन करने पहुंचे थे। प्रदर्शन उग्र हो गया, और कार्यकर्ताओं ने प्रिंसिपल डॉ. विनय शर्मा के केबिन में जबरन प्रवेश किया।
अभद्रता: कार्यकर्ताओं ने प्रिंसिपल के साथ गाली-गलौज की।
तोड़फोड़: उन्होंने प्रिंसिपल की नेमप्लेट पर स्याही फेंकी और शासकीय दस्तावेजों को फाड़ने की कोशिश की।
धमकी: मुख्य आरोपी (जो अब फरार है) सहित अन्य नेता अपने साथ चप्पल-जूतों की माला लेकर पहुंचे थे और उसे प्रिंसिपल को पहनाने की धमकी दी।
प्रिंसिपल की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला, मुख्य आरोपी फरार
प्रिंसिपल डॉ. विनय शर्मा ने इस घटना के तुरंत बाद भिलाई नगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विधायक प्रतिनिधि सहित चार एनएसयूआई नेताओं के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही मुख्य आरोपी नेता फरार है। सूत्रों के मुताबिक, यह वही नेता है जो अतीत में भी कई विवादों में रहा है और खुद को 'दुर्ग पुलिस से नहीं डरने वाला' बताता था।
पुलिस ने दो अन्य नेताओं को किया गिरफ्तार
मामले की संवेदनशीलता और प्रिंसिपल के साथ हुई बदसलूकी को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने अब तक इस मामले में दो अन्य एनएसयूआई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है। ये नेता मुख्य आरोपी के साथ घटना को अंजाम देने में शामिल थे। इन गिरफ्तारियों से यह साफ हो गया है कि पुलिस इस मामले में किसी भी प्रकार की राजनीतिक गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं करेगी।
मुख्य आरोपी की तलाश जारी, जल्द गिरफ्तारी का दावा
दुर्ग पुलिस अब फरार चल रहे मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी नेता को बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर छात्र राजनीति के नाम पर होने वाली गुंडागर्दी और दबंगई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।





