Breaking
- Chhattisgarh Textile News: तकनीकी वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने बनेगी व्यापक क...
- Korba News: जामबहार में 3.40 करोड़ से बनेगा नया बिजली सबस्टेशन, 4500 से अधिक ...
- Bastar News: कीचड़ और दुर्गम रास्तों के बीच नक्सल पीड़ित परिवारों तक पहुंचे ड...
- Festival News: कमरछठ 2026 में जानिए अंग्रेजी मिर्च, पसहर चावल और छह भाजी का म...
- Health News: छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट, 130 मामलों की पुष्टि; 3...
- हरित छत्तीसगढ़–समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा प्रदेश : वन मंत्...
- Raipur Education News: नवप्रवेशित छात्राओं को राज्यपाल रमेन डेका की सीख, वर्त...
- Education News: नवा रायपुर में खुलेगा NMIMS कैंपस, 10 हजार विद्यार्थियों को म...
- Chhattisgarh UCC News: बस्तर से सरगुजा तक UCC पर मंथन, आदिवासी परंपराओं और मह...
- Chhattisgarh UCC News: बस्तर से सरगुजा तक UCC पर मंथन, आदिवासी परंपराओं और मह...
हॉरर सिनेमा की मील का पत्थर बनी ‘द एक्सॉर्सिस्ट’, जिसने डर के साथ ऑस्कर में भी रचा इतिहास

हॉरर फिल्मों की बात हो और ‘द एक्सॉर्सिस्ट’ का नाम न आए, ऐसा संभव नहीं है। साल 1973 में रिलीज़ हुई इस फिल्म ने दर्शकों को ऐसा डराया कि कई सालों तक इसे दुनिया की सबसे डरावनी फिल्म माना जाता रहा। लेकिन इसकी खासियत सिर्फ डर तक सीमित नहीं रही, इस फिल्म ने हॉरर सिनेमा को एक नई पहचान भी दिलाई।

‘द एक्सॉर्सिस्ट’ उन शुरुआती फिल्मों में शामिल रही, जिसने यह साबित कर दिया कि डरावनी कहानियां भी मजबूत कहानी, अभिनय और निर्देशन के दम पर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मंचों तक पहुंच सकती हैं। उस दौर में जब हॉरर फिल्मों को गंभीर सिनेमा नहीं माना जाता था, तब इस फिल्म ने सोच बदल दी।
कहानी और प्रभाव
फिल्म की कहानी एक मासूम लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जिस पर अलौकिक शक्ति का साया पड़ जाता है। उसे इस हालत से बाहर निकालने के लिए किए गए संघर्ष ने दर्शकों को भावनात्मक और मानसिक रूप से झकझोर दिया। फिल्म के दृश्य, बैकग्राउंड साउंड और अभिनय आज भी दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देते हैं।
ऑस्कर तक पहुंचने वाली पहली हॉरर फिल्म
‘द एक्सॉर्सिस्ट’ ने हॉरर सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा, जब इसे प्रतिष्ठित ऑस्कर अवॉर्ड्स में कई श्रेणियों में नामांकन मिला। यह उपलब्धि अपने आप में ऐतिहासिक थी, क्योंकि इससे पहले किसी भी हॉरर फिल्म को इतनी गंभीरता से नहीं लिया गया था। फिल्म ने दो ऑस्कर पुरस्कार जीतकर अपनी ताकत साबित कर दी।
सिनेमा पर स्थायी असर
इस फिल्म की सफलता के बाद हॉरर को सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक सशक्त कहानी कहने वाली शैली के रूप में देखा जाने लगा। आज भी कई निर्देशक और फिल्मकार ‘द एक्सॉर्सिस्ट’ को प्रेरणा मानते हैं।
दशकों बाद भी ‘द एक्सॉर्सिस्ट’ का डर कम नहीं हुआ है। यह फिल्म आज भी हॉरर प्रेमियों के लिए एक कालजयी अनुभव मानी जाती है, जिसने डर के साथ-साथ फिल्म इतिहास में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी।







