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भीषण गर्मी में जनगणना ड्यूटी का विरोध, शिक्षकों की मांग - "बदला जाए सर्वे का समय"

Chhattisgarh RRT News Desk 20 April 2026

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छत्तीसगढ़ में इस समय पारा 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। लू और भीषण गर्मी के इस दौर में राज्य सरकार द्वारा शिक्षकों को जनगणना (Census) कार्य के लिए डोर-टू-डोर सर्वे में लगाने का निर्णय लिया गया है। इस आदेश के खिलाफ शिक्षक संगठन लामबंद हो गए हैं और उन्होंने इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

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शिक्षकों का तर्क है कि दोपहर की चिलचिलाती धूप में घरों तक जाकर सर्वे करना उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। राज्य के कई जिलों से शिक्षकों ने शिकायत की है कि इस गर्मी में बाहर निकलना 'लू' (Heatstroke) को न्यौता देने जैसा है।

शिक्षकों की मुख्य मांगें और चिंताएं:

समय में बदलाव: शिक्षकों का कहना है कि यदि सर्वे अनिवार्य है, तो इसे या तो सुबह 7 से 10 बजे के बीच किया जाए या फिर शाम के समय। दोपहर के समय फील्ड ड्यूटी बिल्कुल बंद होनी चाहिए।

स्वास्थ्य सुरक्षा: भीषण गर्मी में शिक्षकों को स्वास्थ्य समस्याओं जैसे डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

शैक्षणिक कार्य पर प्रभाव: शिक्षकों को पहले से ही कई प्रशासनिक कार्यों में उलझाया जाता है, जिससे स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। अब सर्वे के कारण स्कूल और फील्ड वर्क के बीच तालमेल बिठाना कठिन हो रहा है।

विकल्प की तलाश: शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि जनगणना के लिए अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों की मदद ली जाए या इसे मानसून के बाद के महीनों के लिए स्थगित किया जाए।

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