छत्तीसगढ़ का बिलासपुर जिला एक बार फिर अपने भीतर छिपे ऐतिहासिक और पुरातात्विक रहस्यों को लेकर चर्चा में आ गया है। जिले के तखतपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम छतौना में स्थित जूनी तालाब में इन दिनों साफ-सफाई और गहरीकरण (खुदाई) का कार्य चल रहा था। इसी खुदाई के दौरान अचानक धरती के नीचे से एक प्राचीन और विशाल स्नानागार (बाथहाउस) की संरचना के अवशेष बाहर निकल आए। इस अद्भुत और ऐतिहासिक धरोहर के सामने आते ही पूरे गांव सहित आसपास के अंचल में भारी उत्सुकता, कौतूहल और आस्था का माहौल निर्मित हो गया है।
तालाब की तली में जैसे-जैसे मिट्टी हटाई गई, वैसे-वैसे एक विशाल सीढ़ीदार स्नानागार, पचरी (घाट) और एक प्राचीन कुंड की सुंदर बनावट पूरी तरह से साफ नजर आने लगी। पत्थरों और प्राचीन ईंटों से तराशी गई इस कलाकृति को देखकर विशेषज्ञ इसके सदियों पुराने होने का अनुमान लगा रहे हैं। इस ऐतिहासिक खोज की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई है, जिसके बाद से प्राचीन कुंड और स्नानागार के दर्शन करने तथा इसकी एक झलक पाने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों से हर दिन सैकड़ों की संख्या में लोग छतौना गांव पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों ने इस पुरातात्विक संरचना के मिलने के बाद फिलहाल तालाब की खुदाई का काम रोक दिया है और इसकी सुरक्षा में जुट गए हैं। स्थानीय स्तर पर पुरातत्व विभाग को भी इस संबंध में सूचित किए जाने की तैयारी चल रही है, ताकि वैज्ञानिक पद्धति से इस स्थल की जांच की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि यह प्राचीन स्नानागार किस राजवंश या कालखंड का है। ग्रामीणों का मानना है कि यह खोज उनके क्षेत्र के समृद्ध ऐतिहासिक गौरव को बयां करती है, जिसे सहेज कर रखा जाना बेहद जरूरी है।







