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'सुशासन तिहार': एक ही छत के नीचे मिलीं सरकारी सुविधाएं, 19 राशन कार्ड और 9 भवन अनुज्ञा पत्र तत्काल जारी, 700 से अधिक आवेदन

Chhattisgarh RRT News Desk 20 May 2026

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RRT News- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 6 के अंतर्गत डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी सामुदायिक भवन मठपुरैना में 'सुशासन तिहार 2026' जनसमस्या निवारण शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर में शहीद पंकज विक्रम वार्ड, मोरेश्वर राव गद्रे वार्ड, चंद्रशेखर आजाद वार्ड, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी वार्ड, शहीद राजीव पाण्डेय वार्ड, शहीद ब्रिगेडियर उस्मान वार्ड और महामाया मंदिर वार्ड के नागरिकों की समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट निराकरण किया गया। शिविर में 15 से अधिक शासकीय विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ 700 से अधिक नागरिकों ने अपनी मांग और शिकायतें दर्ज कराईं।

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मौके पर ही बने राशन-आयुष्मान कार्ड, नवजातों का हुआ अन्नप्राशन

शिविर में त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई का अनोखा नजारा देखने को मिला, जहाँ 19 नागरिकों को आवेदन करते ही तत्काल नए एपीएल और बीपीएल राशन कार्ड बनाकर सौंपे गए। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना (मोर जमीन मोर मकान) के तहत 9 पात्र हितग्राहियों को नए मकान निर्माण के लिए भवन अनुज्ञा पत्र प्रदान किया गया। शिविर स्थल पर ही नए आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड भी हाथों-हाथ बनाकर दिए गए। इस दौरान समाज कल्याण और महिला बाल विकास विभाग द्वारा नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। महापौर मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौड़, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह और निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने सभी स्टॉलों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर आम जनता से सीधा संवाद किया।

अधिकारियों को अल्टीमेटम: एक महीने में करें शत-प्रतिशत निराकरण

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर मीनल चौबे ने कहा कि सुशासन विहार में अधिकारियों को जनता को सहजता से योजनाओं का लाभ दिलाना होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि मोरेश्वर राव गद्रे वार्ड में सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित होने वाले लोगों को पहले उचित विस्थापन दिया जाएगा। वहीं, रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसलिए यह शिविर लगाया गया है। सभी विभाग प्राप्त आवेदनों का एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण करें और आवेदकों को इसकी लिखित जानकारी दें। यदि कोई अपात्र है, तो उसे भी कारण सहित सूचित किया जाए।

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