Breaking

बंदूक छोड़ मुख्यधारा में लौटे पूर्व नक्सलियों की बदलेगी जिंदगी: समाज में पुनर्वास के लिए शुरू हुई अनोखी पहल, अब मुफ्त सर्जरी से गूंज सकेगी बच्चों की किलकारी

Chhattisgarh RRT News Desk 01 June 2026

post

जगदलपुर/बस्तर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग से पुनर्वास (Rehabilitation) और मानवीय दृष्टिकोण की एक बेहद अनूठी और दिल को छू लेने वाली खबर सामने आई है। वे लोग जो कभी हिंसा का रास्ता चुनकर नक्सल संगठन का हिस्सा बने थे, लेकिन अब आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं, उन्हें एक सामान्य और संपूर्ण पारिवारिक जीवन जीने का अवसर दिया जा रहा है। सरेंडर कर चुके इन पूर्व नक्सलियों के घरों में भी अब बच्चों की किलकारी गूंज सकेगी। इसके लिए जगदलपुर के शासकीय महारानी अस्पताल में एक विशेष और संवेदनशील मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया है, जहां पूर्व माओवादियों की नसबंदी को रिवर्स करने के लिए निशुल्क 'वेसक्टॉमी रिवर्सल सर्जरी' (Vasectomy Reversal Surgery) की जा रही है।

Advertisement

दरअसल, माओवादी संगठन के कड़े और अमानवीय नियमों के तहत संगठन में रहने वाले सक्रिय लड़ाकों की शादी के बाद जबरन नसबंदी करा दी जाती है, ताकि वे पारिवारिक बंधनों और बच्चों के मोह में न पड़ें और संगठन के लिए काम करते रहें। जब ये नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करते हैं, तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती एक सामान्य वैवाहिक जीवन शुरू करने और पिता बनने की होती है। पूर्व नक्सलियों की इसी व्यावहारिक और भावनात्मक समस्या को समझते हुए बस्तर पुलिस, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर इस अनूठी पहल की रूपरेखा तैयार की है।

महारानी अस्पताल के विशेषज्ञ सर्जनों की टीम द्वारा इस जटिल ऑपरेशन को पूरी तरह से मुफ्त अंजाम दिया जा रहा है, जिसका पूरा खर्च शासन वहन कर रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, इस सर्जरी के सफल होने के बाद पूर्व नक्सली भी आम नागरिकों की तरह पिता बनने का सुख प्राप्त कर सकेंगे। बस्तर के आईजी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह पहल सरेंडर कर चुके लोगों को मानसिक रूप से समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, उनके पुनर्वास को मजबूत करने और उनके जीवन को एक नई व सकारात्मक दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगी। इस मानवीय कदम की बस्तर सहित पूरे प्रदेश में सराहना हो रही है।

You might also like!