Breaking

बंदूक छोड़ अब राखी बना रहे आत्मसमर्पित नक्सली, पुनर्वास केंद्र में तैयार हुई 700 से ज्यादा राखियां

Chhattisgarh 21 August 2026

post

भानुप्रतापपुर। कभी नक्सली गतिविधियों से जुड़े रहे लोगों के जीवन में बदलाव की तस्वीर कांकेर जिले में देखने को मिल रही है। नक्सल प्रभावित और पुनर्वासित परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से भानुप्रतापपुर के चौगेल पुनर्वास केंद्र में नई पहल शुरू की गई है। यहां बिहान योजना के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों और पुनर्वासित परिवारों को राखी निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

Advertisement

रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए पुनर्वास केंद्र में इन दिनों रंग-बिरंगी राखियां तैयार की जा रही हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद आत्मसमर्पित नक्सली और पुनर्वासित परिवार राखी निर्माण के काम से जुड़कर अपनी आजीविका के लिए नया रास्ता तलाश रहे हैं। अब तक यहां 700 से अधिक राखियां तैयार की जा चुकी हैं।

इस पहल का उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। राखी निर्माण के जरिए उन्हें हुनर सीखने के साथ आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर भी मिल रहा है। यह पहल हिंसा से दूर होकर सामान्य जीवन की ओर लौटने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है।

You might also like!