छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से पहचान छिपाकर आदिवासी युवतियों को प्रेम जाल में फंसाने और उनका शोषण करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने मोहम्मद महफूज नामक एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया और व्यक्तिगत मेल-जोल के दौरान खुद को 'तरुण' बताकर पेश करता था। आरोपी ने अपनी असल धार्मिक पहचान छिपाकर कई युवतियों को न केवल भावनात्मक रूप से ठगा, बल्कि उनके साथ गंभीर अपराधों को अंजाम दिया।
शारीरिक और आर्थिक शोषण का आरोप
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित आदिवासी युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने खुद को हिंदू बताकर उससे दोस्ती की और शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण किया। इतना ही नहीं, आरोपी ने पीड़िता से धोखे से काफी पैसे भी ऐंठे। जब युवती को उसकी असली पहचान का पता चला और उसने विरोध किया, तो आरोपी उसे डराने-धमकाने लगा, जिसके बाद मामला थाने पहुँचा।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
अंबिकापुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल टीम गठित की और आरोपी मोहम्मद महफूज को धर दबोचा। जांच में पता चला है कि आरोपी ने कई अन्य लड़कियों के साथ भी इसी तरह की मोडस ऑपरेंडी (तरीका) अपनाई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के कड़े कानूनों के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब उसके मोबाइल डेटा और संपर्कों की जांच कर रही है ताकि अन्य पीड़ितों का पता लगाया जा सके।
आदिवासी संगठनों और समाज में आक्रोश
इस घटना के सामने आने के बाद सरगुजा क्षेत्र के आदिवासी संगठनों में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय संगठनों ने इसे योजनाबद्ध 'लव जिहाद' का मामला बताते हुए आरोपी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि भोले-भाले आदिवासी समुदाय की युवतियों को निशाना बनाना एक गंभीर चिंता का विषय है और इसके पीछे किसी बड़े गिरोह की संलिप्तता की भी जांच होनी चाहिए।
प्रशासन की अपील: सोशल मीडिया पर बरतें सावधानी
पुलिस प्रशासन ने इस मामले के बाद आम जनता, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सावधानी बरतें। किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें और यदि कोई व्यक्ति अपनी पहचान छिपाकर दबाव डालने या शोषण करने की कोशिश करता है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि ऐसी शिकायतों पर तत्काल और गुप्त तरीके से कार्रवाई की जाएगी ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।








