Breaking

रायपुर में सनी लियोन के कार्यक्रम पर 'बजरंग' प्रहार: "सांस्कृतिक मर्यादा से समझौता नहीं, रुकना चाहिए यह अश्लील प्रदर्शन"...

Chhattisgarh RRT News Desk 03 February 2026

post

Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आगामी 22 फरवरी को प्रस्तावित बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोन के एक कार्यक्रम को लेकर सियासी और सामाजिक पारा चढ़ गया है। बजरंग दल ने इस कार्यक्रम का पुरजोर विरोध करते हुए आयोजकों को चेतावनी दी है कि वे इस आयोजन को रद्द करें। संगठन का तर्क है कि रायपुर और छत्तीसगढ़ की धरती 'माता कौशल्या' और 'भगवान राम के ननिहाल' के रूप में जानी जाती है, और यहाँ इस प्रकार के "अश्लीलता परोसने वाले" आयोजनों के लिए कोई स्थान नहीं है। सोशल मीडिया पर भी यह विवाद तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

Advertisement

बजरंग दल के जिला संयोजक रवि वाधवानी ने सोशल मीडिया पर एक कड़ा पोस्ट साझा करते हुए लिखा है— "बजरंग दल के रायपुर में अश्लील फिल्म अभिनेत्री सनी लियोन को बुलाने वालों, कान खोलकर सुन लो... राम जी के ननिहाल में किसी भी प्रकार की अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे इस कार्यक्रम को सफल नहीं होने देंगे और यदि प्रशासन ने इस पर रोक नहीं लगाई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। संगठन ने इसे भारतीय संस्कृति और सामाजिक मर्यादाओं पर हमला करार दिया है।

यह पहली बार नहीं है जब सनी लियोन के किसी कार्यक्रम का विरोध हुआ हो; इससे पहले भी मथुरा और अन्य शहरों में उनके शो को लेकर धार्मिक संगठनों ने आपत्ति जताई थी। रायपुर के कार्यक्रम को लेकर आयोजकों ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन वे अंदरूनी तौर पर सुरक्षा व्यवस्था और स्थान को लेकर चर्चा कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के लिए टिकटों की बुकिंग और प्रचार शुरू हो चुका था, लेकिन विरोध के बाद अब कई लोगों ने सुरक्षा को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

रायपुर पुलिस और जिला प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी, लेकिन शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयोजकों से भी बातचीत की जा सकती है। फिलहाल, शहर में इस मुद्दे को लेकर दो धड़े बन गए हैं; एक वर्ग इसे निजी पसंद और मनोरंजन का हिस्सा मान रहा है, तो वहीं दूसरा पक्ष इसे सांस्कृतिक मूल्यों का हवाला देकर विरोध कर रहा है। 22 फरवरी की तारीख नजदीक आने के साथ ही यह विवाद और अधिक गहराने की संभावना है।

You might also like!