छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पदस्थ एक डीएसपी (DSP) पर जानलेवा हमले की वारदात ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, डीएसपी जब अपने दफ्तर के पास थे, तभी घात लगाकर बैठी एक महिला और उसके साथी ने उन पर अचानक हमला कर दिया। महिला ने धारदार चाकू से सीधे डीएसपी के गले पर वार किया, जिससे वे लहूलुहान हो गए। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए हमलावरों को पकड़ लिया और घायल डीएसपी को अस्पताल पहुँचाया।
450 किलोमीटर का सफर तय कर मारने पहुँचे आरोपी
हैरान कर देने वाली बात यह है कि आरोपी महिला और उसका साथी इस वारदात को अंजाम देने के लिए लगभग 450 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर सुकमा पहुँचे थे। आरोपी महिला लंबे समय से डीएसपी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थी और उन पर दुष्कर्म का आरोप लगा चुकी थी। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह हमला पूरी तरह सुनियोजित था और आरोपी हत्या के इरादे से ही यहाँ आए थे।
हमले में रिटायर्ड फौजी दोस्त ने दिया साथ
इस हमले में महिला के साथ उसका एक पुरुष मित्र भी शामिल था, जो भारतीय सेना का रिटायर्ड फौजी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, फौजी दोस्त ने महिला को हथियार उपलब्ध कराने और हमले की साजिश रचने में मदद की। हमले के दौरान दोनों ने मिलकर डीएसपी को घेरने की कोशिश की थी। पुलिस ने रिटायर्ड फौजी और महिला दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
रेप के आरोप और पुरानी रंजिश का मामला
आरोपी महिला ने पहले भी उक्त डीएसपी पर शारीरिक शोषण और बलात्कार के गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले में जांच और कानूनी कार्यवाही पहले से ही प्रक्रिया में थी। हालांकि, महिला पुलिसिया कार्यवाही से संतुष्ट नहीं थी और उसने खुद "न्याय" करने के नाम पर इस हिंसक कदम को उठाया। डीएसपी और महिला के बीच पुराना विवाद इस हमले की मुख्य वजह बनकर उभरा है।
पुलिस की कार्रवाई और डीएसपी की हालत
सुकमा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (धारा 307) और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घायल डीएसपी का इलाज जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। बस्तर आईजी और सुकमा एसपी मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस हमले के पीछे कोई और बड़ी साजिश या बाहरी समर्थन शामिल था।








