रायपुर/बस्तर, 4 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषि और उससे संबद्ध क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजनाओं का असर अब धरातल पर साफ दिखने लगा है। इसी कड़ी में बस्तर जिले की ग्राम पंचायत सिवनी (हिरलाभाटा) के प्रगतिशील किसान रयतु राम ने एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने अपनी पांच एकड़ कृषि भूमि में से मात्र एक एकड़ तालाब में 'मछली बीज' (स्पॉन) उत्पादन की आधुनिक तकनीक अपनाकर महज दो महीनों के भीतर 30 हजार रुपये की शानदार कमाई की है।
शुरुआती दौर में रयतु राम को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। तालाब में अवांछित मछलियों की मौजूदगी, पानी के लिए बोरवेल की कमी और तकनीकी ज्ञान का अभाव उनकी राह में रोड़ा बना हुआ था। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और मत्स्यपालन विभाग से संपर्क किया। विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में उन्होंने तालाब की वैज्ञानिक ढंग से सफाई की, उचित आहार प्रबंधन किया और नई तकनीक से 30 पैकेट स्पॉन डाले। मेहनत का नतीजा यह रहा कि वे अब तक 500 रुपये प्रति किलो की दर से 60 किलो मछली बीज बेच चुके हैं और अभी 20 से 25 हजार रुपये की अतिरिक्त आय की उम्मीद है।
इस बड़ी सफलता और बेहतर कमाई से उत्साहित होकर रयतु राम अब अपने खेतों में एक और नया तालाब खोदकर इस व्यवसाय का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि को देखकर गांव के अन्य किसान जैसे मनकी बघेल, दयमती बघेल और जग्गु मौर्य भी स्पॉन संवर्धन योजना से जुड़कर लाभ उठा रहे हैं। रयतु राम की यह सफलता अब बस्तर के अन्य ग्रामीणों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है, जिससे क्षेत्र में पारंपरिक खेती के साथ-साथ मत्स्यपालन के जरिए आय बढ़ाने का नया रुझान पैदा हो रहा है।








