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दोहरी बेगारी से जूझ रहे छत्तीसगढ़ के शिक्षक, बोर्ड परीक्षाओं पर संकट...

National RRT News Desk 09 December 2025

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षकों पर इन दिनों दोहरी बेगारी का बोझ आन पड़ा है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, खासकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। एक तरफ जहां शिक्षक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) कार्य के तहत घर-घर जाकर गणना पत्रक एकत्रित कर रहे हैं और 11 दिसंबर तक उसे ऑनलाइन अपलोड करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग के डाइट (DIET) संस्थानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों की नई श्रृंखला शुरू कर दी है। इन अतिरिक्‍त कार्यों के कारण शिक्षकों को स्कूल के काम के लिए बेहद कम समय मिल रहा है, जिससे दिसंबर में होने वाली छमाही परीक्षाओं की तैयारी भी बाधित हो रही है।

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 विभागीय आदेशों की अनदेखी और नया प्रशिक्षण कार्यक्रम

5 सितंबर 2025 को शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनज़र सभी प्रशिक्षणों पर रोक लगाने का स्पष्ट आदेश जारी किया था। इसके बावजूद, कई जिलों में डाइट संस्थानों ने इस आदेश को अनदेखा करते हुए प्रशिक्षण शुरू कर दिया है, जिसका प्रमुख उदाहरण पेंड्रा में संचालित प्रशिक्षण है। ताजा आदेश के अनुसार, डाइट ने प्राथमिक कक्षाओं के शिक्षकों के लिए 8 दिसंबर से 10 जनवरी तक नई पाठ्यपुस्तकों पर आधारित प्रशिक्षण निर्धारित किया है। इसमें पहली से तीसरी तक के शिक्षकों के लिए पांच दिन और चौथी-पांचवी के शिक्षकों के लिए भी पांच दिन का प्रशिक्षण सुबह 9:30 बजे से शाम 5 बजे तक तय किया गया है, जिसमें संभाग के 6863 शिक्षकों को शामिल होना है।

बोर्ड परीक्षा सुधार के प्रयासों पर भारी पड़ रहा काम का बोझ

यह स्थिति ऐसे समय में बनी है जब राज्य में डीपीआई (DPI), समग्र शिक्षा और एससीईआरटी (SCERT) लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं और बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए 'मिशन 90 प्लस', 'मिशन 100' और 'मिशन 80 प्लस' जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रश्नपत्र के ब्लूप्रिंट और अंकों के नए निर्धारण जैसे कई बदलाव भी लागू किए गए हैं। इन सबके बावजूद, आधे से अधिक शिक्षकों का SIR ड्यूटी और प्रशिक्षण में उलझे रहना, सीधे तौर पर इन सुधार प्रयासों पर भारी पड़ रहा है और बोर्ड परीक्षा परिणामों को खतरे में डाल रहा है।

 शिक्षक संघ ने जताई गहरी चिंता, तत्काल रोक की मांग

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि प्रशिक्षणों और गैर-शैक्षणिक कार्यों की वजह से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की है कि बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए इन सभी प्रशिक्षणों पर तत्काल रोक लगाई जाए। संजय शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि इन प्रशिक्षणों को नहीं रोका गया और परीक्षा परिणाम खराब हुए, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशिक्षण कराने वाली संस्थाओं की होगी।

उच्च स्तरीय आदेशों की अवहेलना पर सवाल

समग्र शिक्षा, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया था कि शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि बिना अनुमति के कोई भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद, डाइट संस्थानों द्वारा जारी किए गए इन प्रशिक्षण आदेशों ने शिक्षा विभाग के भीतर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षकों को SIR कार्य, BLO अपलोडिंग और प्रशिक्षण के बीच फंसा देख यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कौन सी प्राथमिकता छात्रों के भविष्य से ऊपर रखी जा रही है।

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