मुंबई/नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को एक बार फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 50 अपने मजबूत सपोर्ट लेवल 25,000 के नीचे फिसल गया, वहीं सेंसेक्स में भी 1000 अंकों से ज्यादा की भारी गिरावट देखी गई। पिछले तीन दिनों से जारी इस बिकवाली ने दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों के चेहरे मुरझा दिए हैं। बीएसई (BSE) पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप, जो शुक्रवार को ₹468 लाख करोड़ था, वह आज घटकर ₹450 लाख करोड़ के करीब पहुँच गया है।
शेयर बाजार में गिरावट के 5 प्रमुख कारण:
ग्लोबल ट्रेड वॉर की आहट: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ लगाने की घोषणा ने वैश्विक बाजारों में खलबली मचा दी है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जून से यह टैरिफ बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा। यूरोप की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका ने निवेशकों को डरा दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर 'रिस्क-ऑफ' सेंटिमेंट बना हुआ है।
रुपये में ऐतिहासिक गिरावट: भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.34 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच गया है। विदेशी पूंजी के लगातार बाहर निकलने (FII Outflows) और डॉलर की मजबूती ने रुपये की कमर तोड़ दी है, जिसका सीधा असर घरेलू शेयर बाजार पर पड़ रहा है।
कमजोर तिमाही नतीजे (Q3 Results): तीसरी तिमाही के नतीजों के शुरुआती रुझान उत्साहजनक नहीं रहे हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), आईटी दिग्गज और बैंकिंग सेक्टर के हैवीवेट्स के नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है। अर्निंग ग्रोथ में सुस्ती की वजह से वैल्युएशन पर दबाव बढ़ गया है।
FII की भारी बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। जनवरी के पहले तीन हफ्तों में ही विदेशी निवेशकों ने अरबों रुपये की बिकवाली की है। वे भारतीय बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश जैसे सोने (Gold) की ओर रुख कर रहे हैं।
यूएस फेड और बॉन्ड यील्ड: अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में उछाल आने से उभरते बाजारों (जैसे भारत) से पैसा निकलकर अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में जा रहा है। साथ ही, ट्रंप की नीतियों के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कम कर दिया है।
किन सेक्टरों में रही सबसे ज्यादा मार?
आज के क्रैश में आईटी (IT), रियल्टी और ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 2% की गिरावट दर्ज की गई, जिसमें एलटीइमाइंडट्री (LTIMindtree) और टेक महिंद्रा जैसे शेयर टॉप लूजर्स रहे। रियल्टी इंडेक्स भी अपने 52-हफ्तों के उच्च स्तर से करीब 23% तक टूट चुका है।








