Breaking
- Murder Case Verdict: ससुर को करंट लगाकर मारने वाली बहू और प्रेमी को उम्रकैद, ...
- Cyclone Arnab Threat: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान 'अर्णब' को लेकर क...
- Raipur News: रायपुर के 16 हजार छात्रों की 'अपार आईडी' नहीं बनने से भविष्य पर ...
- Aaj Ka Rashifal 27 October 2026: चंद्रमा का मेष से वृष राशि में गोचर, जानिए म...
- Gold-Silver Price Today: त्योहारी सीजन में चमकी चमक, सोने और चांदी की कीमतों ...
- Mann Ki Baat 139th Episode: 'मन की बात' देश की लोकशक्ति की आराधना और 140 करोड...
- Cyclonic Storm Alert Chhattisgarh: चक्रवाती तूफान के असर से छत्तीसगढ़ में भार...
- Korba Bike Fire News: कोरबा में गैरेज में रिपेयरिंग के दौरान बाइक में लगी भीष...
- NMDC Free Ambulance Service Bastar: बस्तर के दुर्गम गांवों के मरीजों के लिए N...
- Chhattisgarh Tax Tech Summit 2026: दुर्ग में 'छत्तीसगढ़ टैक्स टेक समिट' का सफ...
नक्सलियों की कमर टूटी: दक्षिण बस्तर DVC को तगड़ा झटका, तेलंगाना में 47 नक्सलियों का ऐतिहासिक सरेंडर

नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। दक्षिण बस्तर के खूंखार 'DVC' (डिविजनल कमेटी) को उस समय तगड़ा झटका लगा, जब तेलंगाना में एक साथ 47 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। यह नक्सली केवल संख्या में ही ज्यादा नहीं थे, बल्कि इन्होंने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी पुलिस के सामने रख दिए। इस बड़े आत्मसमर्पण को दक्षिण बस्तर में नक्सली संगठन के कमजोर होते प्रभाव और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती निराशा के रूप में देखा जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले ये नक्सली लंबे समय से संगठन के विभिन्न पदों पर सक्रिय थे और दक्षिण बस्तर के घने जंगलों में सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बने हुए थे। पुलिस के बढ़ते दबाव, चलाए जा रहे सघन तलाशी अभियानों और सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। इन नक्सलियों ने संगठन की खोखली विचारधारा और स्थानीय लोगों के प्रति अपनाई जा रही क्रूरता से तंग आकर हथियार डालने की बात कही है।
इस ऐतिहासिक सरेंडर से जगदलपुर और आसपास के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है। जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में कैडरों का संगठन छोड़ना न केवल दक्षिण बस्तर DVC की रणनीति को ध्वस्त करेगा, बल्कि आने वाले समय में अन्य नक्सलियों के लिए भी आत्मसमर्पण का रास्ता खोलेगा। पुलिस प्रशासन इसे नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर मान रहा है। इस सफलता ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब बस्तर के जंगलों में लाल आतंक की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।







