रायपुर। राजधानी रायपुर में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनके लिए जरूरी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी भी पीछे नजर आ रहा है। शहर में करीब 20 हजार ई-व्हीकल होने के बावजूद सार्वजनिक रूप से उपलब्ध चार्जिंग स्टेशनों की संख्या सीमित है। इससे ई-व्हीकल चालकों को लंबी दूरी तय करते समय चार्जिंग को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शहर में चार ई-चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं, लेकिन इनमें से इंडोर स्टेडियम स्थित चार्जिंग स्टेशन उपयोग में नहीं आ रहा है। बताया जा रहा है कि यहां कर्मचारी नहीं होने के कारण वाहन चालक खुद भी चार्जिंग नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में शहर के अन्य प्रमुख स्थानों पर मौजूद चार्जिंग स्टेशनों पर ही निर्भरता बढ़ गई है। आईएसबीटी, जयस्तंभ चौक मल्टीलेवल पार्किंग और नगर निगम मुख्यालय जैसे स्थानों पर उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग ई-व्हीकल चालक कर रहे हैं।
ई-व्हीकल की संख्या बढ़ने के साथ चार्जिंग स्टेशनों की कमी अब शहर की बड़ी चुनौती बनती जा रही है। रास्ते में वाहन की बैटरी खत्म होने पर चालक के सामने वाहन को चार्ज कराने के लिए लंबा इंतजार या उसे धक्का देकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने जैसी परेशानी खड़ी हो सकती है। ऐसे में रायपुर को वास्तव में स्मार्ट और ई-व्हीकल फ्रेंडली शहर बनाने के लिए चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार, मौजूदा स्टेशनों का नियमित संचालन और पर्याप्त कर्मचारियों की व्यवस्था जरूरी है।







