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'पहले मेरा नार्को टेस्ट कराएं, फिर भाजपा विधायक और उनकी बहन का' – सीतापुर मारपीट मामले में पीड़ित नायब तहसीलदार तुषार मानिक की बड़ी मांग, वीडियो जारी

अंबिकापुर/सीतापुर। छत्तीसगढ़ में राजस्व अधिकारियों और राजनेताओं के बीच उपजा विवाद अब एक बेहद दिलचस्प और हाई-प्रोफाइल मोड़ पर पहुंच गया है। सीतापुर के राजापुर उपतहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने खुद पर हुए कथित हमले और बदसलूकी के आरोपों को लेकर शासन-प्रशासन के सामने एक अनोखी चुनौती रख दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए अपने ताजा वीडियो बयान में नायब तहसीलदार ने इस पूरे विवाद का सच सामने लाने के लिए 'नार्को टेस्ट' (Narco Test) कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सच्चाई का पता लगाने के लिए पहले मेरा नार्को टेस्ट कराया जाए, और उसके ठीक बाद सीतापुर के भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो, उनकी बहन और घटना के दौरान मौजूद एक अन्य महिला का भी टेस्ट हो। इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा कि असल में दोषी कौन है।

गौरतलब है कि इस पूरे मामले में दोनों ही पक्षों की ओर से पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जा चुकी है। एक तरफ विधायक की बहन सीमा धनकी ने नायब तहसीलदार तुषार मानिक पर शासकीय कार्यालय में उनके साथ बदतमीजी और दुर्व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं दूसरी तरफ, नायब तहसीलदार का आरोप है कि सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके आक्रोशित समर्थकों ने उपतहसील कार्यालय के भीतर घुसकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
इस बीच, विधायक और उनके समर्थकों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर 'छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ' के आह्वान पर 1 जून (आज) से सरगुजा संभाग सहित पूरे प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन 'कामबंद, कलमबंद' हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल के कारण राज्यभर के तहसील कार्यालयों में काम पूरी तरह ठप है। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच नायब तहसीलदार तुषार मानिक का नार्को टेस्ट की मांग वाला यह बयान सामने आया है, जिसने प्रदेश की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है।







