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चांदी ने रचा नया इतिहास: पहली बार ₹2 लाख प्रति किलो के पार, सोना भी ₹1.33 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा...

Business RRT News Desk 17 December 2025

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भारतीय सराफा बाजार के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। चांदी की कीमतों ने पहली बार ₹2,00,000 प्रति किलोग्राम का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर लिया है। आज के कारोबारी सत्र में चांदी में ₹8,775 की भारी बढ़त देखी गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों में बढ़ती मांग और औद्योगिक खपत में इजाफे के कारण चांदी ने यह अभूतपूर्व ऊंचाई छुई है।

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साल 2025 में चांदी की बेतहाशा दौड़

इस साल चांदी के निवेशकों के लिए मुनाफे की चांदी रही है। साल की शुरुआत से अब तक चांदी की कीमतों में कुल ₹1.15 लाख का इजाफा दर्ज किया जा चुका है। जानकारों के अनुसार, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और सोलर पैनल जैसे आधुनिक क्षेत्रों में चांदी के बढ़ते उपयोग ने इसकी मांग को वैश्विक स्तर पर बढ़ा दिया है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

सोने की चमक भी हुई तेज

चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी जोरदार तेजी का रुख बना हुआ है। 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव अब ₹1,33,000 प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव और प्रमुख देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने के भंडार में की जा रही निरंतर वृद्धि ने पीली धातु को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है, जिससे घरेलू खरीदारों की जेब पर बोझ बढ़ गया है।

शादी-ब्याह के बजट पर सीधा असर

देश में जारी शादियों के सीजन के बीच सोने-चांदी की इन आसमान छूती कीमतों ने आम आदमी के बजट को बुरी तरह प्रभावित किया है। गहनों की दुकानों पर अब ग्राहक भारी ज्वेलरी के बजाय हल्के वजन के गहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ज्वेलरी एसोसिएशन के मुताबिक, कीमतों में अचानक आई इस तेजी से बाजार में गहनों की मांग में तो कमी आई है, लेकिन निवेश के तौर पर 'डिजिटल गोल्ड' और 'सिल्वर ETF' में रुचि बढ़ी है।

बाजार का भविष्य और विशेषज्ञों की राय

मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि जब तक वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता बनी रहेगी, तब तक कीमती धातुओं में तेजी का दौर जारी रह सकता है। हालांकि, ₹2 लाख का स्तर पार करने के बाद बाजार में तकनीकी सुधार (Technical Correction) की संभावना भी है, जिससे कीमतों में मामूली गिरावट आ सकती है। फिलहाल, निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार में आने वाली गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी (SIP मोड) पर ध्यान दें।

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