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मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का असर, हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्टबाइट को लेकर अलर्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश में सर्दी ने अपना तीखा तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से गिरने के चलते अत्यधिक ठंड को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग और मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, खासतौर पर हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्टबाइट जैसे खतरों को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है।

लगातार ठंडी हवाओं और न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। रात और सुबह के समय ठंड का असर ज्यादा देखा जा रहा है, जिससे बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बीमार लोगों को विशेष परेशानी हो रही है।
क्या है खतरा
चिकित्सकों के अनुसार, लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से शरीर का तापमान सामान्य से नीचे चला जाता है, जिसे हाइपोथर्मिया कहा जाता है। वहीं अत्यधिक ठंड से हाथ-पैर और कान जैसी जगहों पर फ्रॉस्टबाइट की समस्या भी हो सकती है। इसके लक्षणों में कंपकंपी, सुस्ती, त्वचा का सुन्न होना और रंग बदलना शामिल है।
सावधानी ही बचाव
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग
गर्म कपड़े परतों में पहनें
सिर, हाथ और पैरों को ढककर रखें
बहुत जरूरी न हो तो सुबह और रात में बाहर निकलने से बचें
गर्म पानी और पौष्टिक भोजन का सेवन करें
बुजुर्गों और बच्चों पर विशेष ध्यान
बुजुर्गों और छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण उन्हें ठंड से ज्यादा खतरा रहता है। ऐसे में घर के अंदर गर्म वातावरण बनाए रखने और नियमित स्वास्थ्य जांच की सलाह दी गई है।
अस्पतालों में बढ़ी सतर्कता
ठंड बढ़ने के साथ अस्पतालों में सर्दी, खांसी, सांस संबंधी परेशानी और ठंड से जुड़ी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर देरी किए बिना इलाज कराना जरूरी है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम को हल्के में न लें और ठंड से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाएं।







