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सावधान! क्या सेंधा नमक भी बढ़ा सकता है हार्ट अटैक का खतरा? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ और क्या है इसमें छिपी असलियत

पिछले कुछ वर्षों में 'हेल्थ कॉन्शियस' लोगों के बीच सेंधा नमक (Rock Salt) का चलन तेजी से बढ़ा है। इसे प्राकृतिक और शुद्ध मानकर लोग साधारण आयोडीन युक्त नमक की जगह इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि बिना सोचे-समझे केवल सेंधा नमक का उपयोग करना हृदय स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी नमक का अधिक सेवन, चाहे वह सेंधा ही क्यों न हो, शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ा देता है, जो सीधे तौर पर हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों से जुड़ा है।

सेंधा नमक में मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड होता है, लेकिन इसमें मैग्नीशियम, पोटेशियम और कैल्शियम जैसे खनिज भी पाए जाते हैं। यही कारण है कि इसे 'आयुर्वेद' में बेहतर माना गया है। मगर डॉक्टरों ने एक गंभीर कमी की ओर इशारा किया है—सेंधा नमक में आयोडीन की मात्रा न के बराबर होती है। लंबे समय तक केवल सेंधा नमक खाने से शरीर में आयोडीन की कमी हो सकती है, जिससे थायराइड की समस्या और मेटाबॉलिज्म में गड़बड़ी आती है। जब शरीर का मेटाबॉलिक रेट बिगड़ता है, तो यह अप्रत्यक्ष रूप से कोलेस्ट्रॉल और हृदय प्रणाली पर दबाव डालता है।
हार्ट अटैक के खतरे को लेकर विशेषज्ञों का तर्क है कि समस्या नमक के 'प्रकार' से ज्यादा उसकी 'मात्रा' में है। यदि आप यह सोचकर ज्यादा सेंधा नमक खा रहे हैं कि यह नुकसानदेह नहीं है, तो आप गलती कर रहे हैं। अत्यधिक सोडियम धमनियों (Arteries) को सख्त बनाता है और वॉटर रिटेंशन बढ़ाता है, जिससे दिल को खून पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यही तनाव आगे चलकर हार्ट फेलियर या सडन कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकता है। इसलिए, डॉक्टर संतुलित मात्रा में ही नमक लेने की सलाह देते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपने आहार में दोनों प्रकार के नमक का संतुलन बनाएं। आयोडीन की पूर्ति के लिए साधारण नमक और खनिजों के लिए सीमित मात्रा में सेंधा नमक का उपयोग किया जा सकता है। एक स्वस्थ वयस्क को दिन भर में 5 ग्राम (लगभग एक छोटा चम्मच) से अधिक नमक नहीं लेना चाहिए। यदि आपको पहले से ही बीपी या हृदय संबंधी समस्या है, तो कोई भी बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। याद रखें, 'प्राकृतिक' होने का मतलब हमेशा 'असीमित उपयोग' नहीं होता।

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