सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 माओवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ जिले के घने जंगलों वाले इलाके में उस समय हुई, जब पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। लंबे समय तक चली गोलीबारी के बाद माओवादी भागने में असफल रहे।
सुरक्षा एजेंसियों को माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी, जिसके आधार पर इलाके की घेराबंदी की गई। जैसे ही जवान आगे बढ़े, माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए 12 माओवादियों को ढेर कर दिया।
हथियारों का जखीरा बरामद
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने अत्याधुनिक हथियार, विस्फोटक सामग्री, गोला-बारूद, वायरलेस सेट और नक्सली साहित्य बरामद किया है। इससे साफ है कि माओवादी किसी बड़ी वारदात की फिराक में थे। बरामद हथियारों की जांच की जा रही है और मारे गए माओवादियों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है।
इनामी माओवादी भी शामिल
सूत्रों के अनुसार, मारे गए माओवादियों में कई इनामी और संगठन के सक्रिय सदस्य शामिल थे। इनमें कुछ महिला माओवादी भी बताई जा रही हैं। सुरक्षा बलों के लिए यह कार्रवाई इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इससे नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
एसपी का माओवादियों से संदेश
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने कहा कि हिंसा और बंदूक के रास्ते का कोई भविष्य नहीं है। उन्होंने भटके युवाओं से अपील की कि वे आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ें। शासन की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया जाएगा।
इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी
मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि किसी अन्य माओवादी के छिपे होने की आशंका को खत्म किया जा सके। सुरक्षाबलों ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।
यह कार्रवाई बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में भी इस तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।








