दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के अंतर्गत सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक जरूरी खबर है। रेलवे प्रशासन ने रायपुर रेल मंडल के हथबंद और तिल्दा नेवरा स्टेशनों के बीच रोड अंडर ब्रिज (RUB) के निर्माण कार्य के लिए ट्रैफिक-कम-पावर ब्लॉक लेने का फैसला किया है। इस तकनीकी कार्य और गर्डर डी-लॉन्चिंग की वजह से आगामी 11 और 12 जनवरी 2026 को कई महत्वपूर्ण मेमू (MEMU) और पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा, जिससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ना तय है।
रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, 11 जनवरी को 6 प्रमुख ट्रेनें रद्द रहेंगी। इनमें रायपुर-बिलासपुर मेमू (68728), बिलासपुर-रायपुर मेमू (68719), गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू (68733), बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू (68734), कोरबा-रायपुर पैसेंजर (58203) और रायपुर-इतवारी पैसेंजर (58205) शामिल हैं। इन ट्रेनों के रद्द होने से बिलासपुर, रायपुर और कोरबा के बीच आवाजाही करने वाले नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
अगले दिन यानी 12 जनवरी को भी राहत की उम्मीद नहीं है। सोमवार को इतवारी-रायपुर पैसेंजर (58206) और रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर (58202) को रद्द रखा गया है। इसके अलावा, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अन्य हिस्सों में चल रहे नॉन-इन्टरलॉकिंग कार्य के कारण टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस (18113/18114) को पहले ही 14 जनवरी तक के लिए रद्द कर दिया गया है। गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू को भी 11 जनवरी को बिलासपुर में ही समाप्त (Short Terminate) कर दिया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह ब्लॉक अधोसंरचना (Infrastructure) विकास और यात्रियों की भविष्य की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। हालांकि, यात्रियों में इस बात को लेकर काफी नाराजगी है कि आए दिन होने वाले इन रद्दीकरणों के कारण वैकल्पिक परिवहन साधनों पर उनका खर्च बढ़ रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों से आने वाले यात्रियों के लिए पैसेंजर ट्रेनों का बंद होना किसी 'बुरे सपने' से कम नहीं है, क्योंकि बस का किराया रेल टिकट के मुकाबले कई गुना अधिक होता है।
रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले NTES (नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम) या रेलवे की वेबसाइट के जरिए अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें। साथ ही, आगामी दिनों में कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों के रूट भी डायवर्ट किए जा सकते हैं या उन्हें देरी से चलाया जा सकता है। प्रशासन का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होते ही परिचालन को पुन: सामान्य कर दिया जाएगा।








