बलरामपुर/कुसमी: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में एक आदिवासी बुजुर्ग की संदिग्ध मौत और उसमें एक एसडीएम (SDM) की कथित संलिप्तता ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। बुजुर्ग की हत्या के गंभीर आरोप में प्रशासनिक अधिकारी को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही आदिवासी समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस घटना के विरोध में और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर 'सर्व आदिवासी समाज' ने कुसमी बंद का कड़ा आह्वान किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना के बाद से ही स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासी संगठनों में उबाल है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी द्वारा इस तरह की घटना को अंजाम देना न केवल निंदनीय है, बल्कि यह आदिवासी समुदाय की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। सर्व आदिवासी समाज ने साफ कर दिया है कि जब तक इस मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की जाती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
'कुसमी बंद' के आह्वान का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। सुबह से ही स्थानीय बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की गई है। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी गतिविधियों को ठप करने की तैयारी है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस के आला अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि विरोध प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहे।
आदिवासी समाज के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की लीपापोती करने की कोशिश की गई, तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। उनकी प्रमुख मांगों में मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा शामिल है। फिलहाल, एसडीएम को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और फॉरेंसिक साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। इस घटना ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में भी हड़कंप मचा दिया है।








