रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में आधारभूत संरचनाओं के विकास कार्यों को गति देने के लिए बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में विशेष केंद्रीय सहायता (एससीए) योजना के तहत राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव विकासशील ने की, जिसमें सड़क, पुल-पुलिया, भवन निर्माण और अन्य परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर और सुकमा जिलों में स्वीकृत विकास कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित कार्यों को तय समयसीमा में तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलेवार कार्ययोजनाओं की समीक्षा करते हुए पूर्ण, अपूर्ण और प्रगतिरत परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी भी ली।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारों जिलों के कलेक्टरों से भी निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होने देने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर में 28, नारायणपुर में 7 और सुकमा में 9 सड़क निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। वहीं कांकेर में 7 तथा सुकमा में 5 पुल निर्माण कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। शेष स्वीकृत परियोजनाओं पर भी तेजी से काम जारी है।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, पीसीसीएफ अरुण पाण्डेय, गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा संबंधित जिलों के कलेक्टर शामिल हुए।







