RRT News- क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने जन्मदिन (24 अप्रैल) से दो दिन पहले 22 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित रहे बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले का ऐतिहासिक दौरा किया। दंतेवाड़ा के छिंदनार गांव पहुँचकर सचिन ने स्थानीय आदिवासी बच्चों के साथ न केवल क्रिकेट और रस्साकशी (टग-ऑफ-वॉर) जैसे खेलों का आनंद लिया, बल्कि उनके साथ केक काटकर खुशियां भी साझा कीं। इस दौरान उनकी बेटी सारा तेंदुलकर और बहू सानिया भी उनके साथ मौजूद रहीं, जिन्होंने स्थानीय प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन किया।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य बस्तर क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देना और ग्रामीण युवाओं को एक बेहतर मंच प्रदान करना था। सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के सहयोग से यहाँ 50 खेल के मैदान तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें से एक मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन खुद सचिन ने किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सचिन का यह दौरा 'बदलते बस्तर' की एक सशक्त तस्वीर पेश करता है, जहाँ अब हिंसा की जगह विकास, शिक्षा और खेलों ने ले ली है।
सचिन का यह दौरा बस्तर क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं, बल्कि वे बच्चों में रणनीतिक समझ और टीम भावना भी विकसित करते हैं। बस्तर के सुदूर वनांचल में सचिन की उपस्थिति ने न केवल स्थानीय बच्चों को प्रेरित किया है, बल्कि पूरे देश को एक सकारात्मक संदेश दिया है कि छत्तीसगढ़ का यह क्षेत्र अब शांति और प्रगति के नए अध्याय लिख रहा है।




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