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RAS सिलेबस में बड़ा बदलाव: 25% बदला पाठ्यक्रम, खेल-योगा का नया मॉड्यूल और मार्किंग स्कीम में फेरबदल...

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। आगामी RAS भर्ती परीक्षा के सिलेबस में लगभग 25% का बदलाव किया गया है। राज्य सरकार और आयोग का मानना है कि इस बदलाव से चयन प्रक्रिया और अधिक सटीक और प्रासंगिक बनेगी। नया सिलेबस न केवल विषयों की गहराई को बढ़ाएगा, बल्कि प्रशासनिक दक्षता के लिए जरूरी नए क्षेत्रों को भी कवर करेगा। यह बदलाव अगली आने वाली अधिसूचना के साथ ही प्रभावी हो जाएगा।

सबसे बड़ा बदलाव RAS प्रीलिम्स (प्रारंभिक परीक्षा) में देखने को मिला है। अब प्री परीक्षा में 'खेल एवं योगा' का एक विशेष 20 अंकों का मॉड्यूल जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य भविष्य के अधिकारियों में शारीरिक स्वास्थ्य और खेलों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, राजस्थान के समसामयिक मामलों (Current Affairs) और आर्थिक समीक्षा के वेटेज में भी आंशिक संशोधन की खबरें हैं, ताकि स्थानीय ज्ञान को अधिक प्राथमिकता दी जा सके।
मुख्य परीक्षा (Mains) के पैटर्न में भी बड़ा फेरबदल किया गया है। अब तक मुख्य परीक्षा में पूछे जाने वाले 2-2 अंकों के 25 छोटे प्रश्नों को हटा दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे प्रश्नों को हटाने से अभ्यर्थियों की विश्लेषणात्मक क्षमता (Analytical Ability) की बेहतर जांच हो सकेगी। अब छात्रों को संक्षिप्त उत्तरों के बजाय विस्तृत और तर्कपूर्ण उत्तर लिखने पर अधिक ध्यान केंद्रित करना होगा। इससे रटकर परीक्षा पास करने की प्रवृत्ति पर लगाम लगेगी।
पाठ्यक्रम में बदलाव का असर केवल परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि विषयों की सूची में भी संशोधन किया गया है। कुछ पुराने और कम प्रासंगिक टॉपिक्स को हटाकर उनकी जगह डिजिटल गवर्नेंस, एथिक्स के नए आयाम और राजस्थान की नई नीतियों को शामिल किया गया है। इस बदलाव का सीधा लाभ उन छात्रों को मिलेगा जो नवीनतम डेटा और वर्तमान प्रशासनिक चुनौतियों के अनुसार अपनी तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, पुराने अभ्यर्थियों के लिए अपनी रणनीति को दोबारा से री-सेट करना एक बड़ी चुनौती होगी।
शिक्षाविदों और कोचिंग विशेषज्ञों का कहना है कि सिलेबस का 25% हिस्सा बदलना एक 'मेजर ओवरहॉल' है। छात्रों को अब अपनी अध्ययन सामग्री (Study Material) को अपडेट करना होगा। विशेष रूप से मेन्स परीक्षा के उत्तर लेखन (Answer Writing) के अभ्यास में अब बदलाव लाना जरूरी है। सरकार के इस कदम से यह स्पष्ट है कि प्रशासन अब ऐसे अधिकारियों की तलाश में है जो केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि आधुनिक विषयों और शारीरिक शिक्षा के महत्व को भी समझें।






