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बुनियादी ढांचे को रफ्तार: ढिलाई बरतने वाले ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट, PWD सचिव मुकेश बंसल का कड़ा रुख

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और दुर्गंध बस्तर अंचल में सड़क व पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के लिए प्रशासन ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज कोंडागांव में एक उच्च स्तरीय विभागीय बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने बीजापुर, दंतेवाड़ा और कोंडागांव जिलों में चल रहे निर्माणाधीन कार्यों की कड़े शब्दों में समीक्षा की। सचिव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और काम लटकाने वाले ठेकेदारों को सीधे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

कोंडागांव में आयोजित इस समीक्षा बैठक में पीडब्ल्यूडी सचिव के साथ विभागीय अधिकारी और निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार भी मौजूद रहे। सचिव मुकेश कुमार बंसल ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि बस्तर संभाग में सुदूर अंचलों को जोड़ने वाली सड़कों और पुलों के काम में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि जो भी प्रोजेक्ट्स पेंडिंग हैं, उन्हें हर हाल में दी गई डेडलाइन के भीतर पूरा किया जाए, ताकि बस्तर की जनता को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके और विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
बैठक के दौरान पीडब्ल्यूडी सचिव ने आगामी मानसून सत्र को देखते हुए एक और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बरसात के दिनों में बस्तर के जो गांव मुख्य मार्ग या सड़क संपर्क से पूरी तरह कट जाते हैं, उन्हें चिन्हित किया जाए। ऐसे संवेदनशील इलाकों के लिए बारहमासी (ऑल-वेदर) सड़कों और पुलों के निर्माण का प्रस्ताव प्राथमिकता के आधार पर तैयार कर जल्द से जल्द शासन को भेजा जाए। शासन के इस कड़े रुख से साफ है कि बस्तर में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए अब प्रशासनिक स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।







