RRT News - बिलासपुर में जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी पाने का एक सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। पिछले 13 वर्षों से राजस्व उप निरीक्षक (Revenue Sub Inspector) के पद पर तैनात एक कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जांच में यह कड़वा सच सामने आया कि इस नौकरी की बुनियाद ही झूठ पर टिकी थी। आरोपी कर्मचारी के पिता ने सालों पहले कूटरचित और फर्जी सर्टिफिकेट तैयार करवाए थे, जिनके आधार पर बेटे ने सरकारी महकमे में अपनी जगह पक्की कर ली थी।
धोखाधड़ी का यह खेल दशक भर से ज्यादा समय तक चलता रहा, लेकिन जब दस्तावेजों की बारीकी से दोबारा जांच शुरू हुई, तो इस फर्जीवाड़े की पोल खुल गई। बिलासपुर प्रशासन ने पाया कि भर्ती के समय जमा किए गए प्रमाण पत्र पूरी तरह जाली थे और उनका संबंधित बोर्ड या संस्थान से कोई लेना-देना नहीं था। पिता की इस 'गलत सलाह' और फर्जीवाड़े ने न केवल बेटे का करियर बर्बाद कर दिया, बल्कि अब पूरे परिवार पर कानूनी तलवार लटक गई है।
कार्यवाही के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। बिलासपुर के जिला अधिकारियों ने इस बर्खास्तगी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी ने 13 साल तक सरकार से वेतन और अन्य सुविधाएं लीं, जो सरकारी धन का दुरुपयोग है। अब विभाग न केवल उसकी सेवा समाप्त कर चुका है, बल्कि इतने वर्षों में दी गई तनख्वाह की वसूली (Recovery) के लिए भी नोटिस जारी करने की तैयारी में है।
यह मामला उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए सिस्टम को धोखा देने की कोशिश करते हैं। बिलासपुर पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य लोगों और उन गिरोहों की तलाश कर रही है जो इस तरह के जाली दस्तावेज तैयार करने का धंधा चलाते हैं। सालों तक चैन की नौकरी करने वाले इस कर्मचारी को अब सलाखों के पीछे जाने की नौबत आ गई है।








