छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर अपराधियों ने अब बुजुर्गों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामले में एक रिटायर्ड बुजुर्ग से शादी का झांसा देकर 9 लाख रुपए से अधिक की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ठगों ने सुनियोजित तरीके से एक महिला बनकर बुजुर्ग से संपर्क साधा और भावनात्मक जाल में फंसाकर उनसे अलग-अलग किस्तों में मोटी रकम ऐंठ ली। जब बुजुर्ग को अपनी गलती का अहसास हुआ, तब तक उनके बैंक खाते से जीवन भर की जमा पूंजी का बड़ा हिस्सा साफ हो चुका था।
इस 'मैरिज स्कैम' की शुरुआत मैट्रिमोनियल साइट या सोशल मीडिया के जरिए हुई, जहां आरोपी ने खुद को एक संभ्रांत महिला के रूप में पेश किया। बातचीत के दौरान आरोपी ने बुजुर्ग का भरोसा जीता और फिर शादी का वादा कर कभी 'मेडिकल इमरजेंसी' तो कभी 'पारिवारिक संकट' का हवाला देकर पैसों की मांग शुरू कर दी। रायपुर पुलिस के मुताबिक, पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और साइबर सेल की मदद से आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाले जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अकेलेपन का सामना कर रहे बुजुर्गों को निशाना बनाना ठगों का नया हथियार बन गया है। इस तरह के हनी ट्रैप और मैरिज स्कैम से बचने के लिए किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर न करने और संदिग्ध प्रोफाइल की जांच करने की सलाह दी जा रही है। रायपुर में बढ़ती इस तरह की घटनाएं डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी हैं, जो बताती हैं कि साइबर अपराधी भावनाओं के साथ खेलकर किस तरह आर्थिक चोट पहुंचा रहे हैं।







