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मछली बचाने के चक्कर में फंसे दो सगे भाई: बिलासपुर में मगरमच्छ को करंट देकर उतारा मौत के घाट, वन विभाग ने भेजा जेल

बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर के रतनपुर वन परिक्षेत्र से वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के पचरा गांव में स्थित एक निजी तालाब में मगरमच्छ को करंट लगाकर मौत के घाट उतारने के आरोप में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, दोनों भाई अपने निजी तालाब में व्यावसायिक रूप से मछली पालन का काम करते हैं। पिछले कुछ समय से एक मगरमच्छ उनके तालाब में घुस आया था और उनकी मछलियों को खा जाता था, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था। इसी परेशानी से तंग आकर दोनों भाइयों ने मगरमच्छ को जान से मारने की खौफनाक साजिश रच डाली और तालाब के चारों ओर बिजली का करंट दौड़ा दिया, जिसकी चपेट में आने से मगरमच्छ की मौत हो गई।
अनुसूची-एक का संरक्षित वन्यजीव है मगरमच्छ, पहुंचे जेल
मगरमच्छ की मौत और अवैध शिकार की भनक लगते ही वन विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामले की बारीकी से जांच शुरू की। जांच के दौरान तालाब संचालक दोनों सगे भाइयों की इस घिनौने कृत्य में सीधी संलिप्तता और सबूत उजागर हुए।
कानूनी प्रावधान: भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मगरमच्छ अनुसूची-एक (Schedule-I) का अत्यंत संरक्षित वन्यजीव है। इसका शिकार करना या नुकसान पहुंचाना एक गंभीर गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है।
वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपित भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें संबंधित न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं। वन विभाग ने क्षेत्र के अन्य ग्रामीणों को भी वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाने और ऐसी स्थिति में तत्काल विभाग को सूचित करने की सख्त चेतावनी दी है।







