धमतरी, 31 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने धमतरी कलेक्टोरेट में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, स्वामित्व कार्ड और भूमि डायवर्सन जैसे जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
बैठक में मंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी है, जब वह समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपील की। इस दौरान उन्होंने पांच हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड और पांच लोगों को जाति प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
बाढ़ से निपटने के लिए अलर्ट रहने के निर्देश
मानसून को देखते हुए मंत्री वर्मा ने संभावित बाढ़ और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने, राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक में मंत्री ने शिक्षा विभाग को नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें, गणवेश और साइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं कृषि विभाग को किसानों के लिए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। स्वास्थ्य विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने और आयुष्मान भारत योजना का अधिकतम लाभ लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
धमतरी में तेजी से हो रहा विकास
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि जिले में 200 बिस्तरीय मातृ-शिशु अस्पताल, नेत्र एवं ट्रॉमा सेंटर, कुरूद में 100 बिस्तरीय अस्पताल और नर्सिंग कॉलेज का निर्माण जारी है। इसके अलावा सड़क, ऑडिटोरियम, इनडोर स्टेडियम, नालंदा परिसर, रेलवे, औद्योगिक पार्क और पर्यटन विकास से जुड़ी परियोजनाओं को अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 और मुख्यमंत्री के विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने में प्रत्येक अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका है।







