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रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के घर 'धर्मांतरण' का खेल? भीड़ जमा कर प्रार्थना सभा कराने के आरोप में पुलिस ने किया गिरफ्तार....

Chhattisgarh RRT News Desk 29 January 2026

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राजनांदगांव जिले में धर्मांतरण के आरोपों ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर के निवास पर बड़ी संख्या में बाहरी लोगों को बुलाकर एक विशेष समुदाय की प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही है। आरोप है कि इस सभा की आड़ में लोगों को प्रलोभन देकर मतांतरण (धर्म परिवर्तन) के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

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पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

हिंदूवादी संगठनों की शिकायत और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने मौके पर छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, घर के भीतर भारी भीड़ मौजूद थी और कुछ धार्मिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। मौके पर तनाव की स्थिति को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।

क्या है पूरा विवाद?

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पिछले कुछ समय से इस घर में संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से भोले-भले लोगों को इलाज और चंगाई (Healing) के नाम पर यहाँ बुलाया जाता था। पुलिस अब उन दस्तावेजों और सामग्रियों की जांच कर रही है जो आयोजन स्थल से बरामद हुए हैं। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इसके पीछे कोई संगठित सिंडिकेट या विदेशी फंडिंग काम कर रही है।

रिटायर्ड अधिकारी का पक्ष

वहीं, आरोपी पक्ष की ओर से इन आरोपों को निराधार बताया गया है। उनका कहना है कि यह केवल एक निजी धार्मिक आयोजन था और किसी पर भी धर्म परिवर्तन के लिए दबाव नहीं बनाया गया। हालांकि, पुलिस ने छत्तीसगढ़ राज्य के कड़े 'धर्मांतरण विरोधी कानून' की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया है।

इलाके में तनावपूर्ण शांति

इस गिरफ्तारी के बाद राजनांदगांव के उस इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करने की अपील की है।

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