रायपुर: छत्तीसगढ़ की नई मतदाता सूची को लेकर मचे घमासान ने अब 'हास्य' और 'हैरानी' दोनों का रूप ले लिया है। राजधानी रायपुर के अलग-अलग वार्डों में जारी वोटर लिस्ट में ऐसी अजीबोगरीब खामियां मिली हैं, जहाँ रिश्तों का गणित ही बिगड़ गया है। कहीं सूची में दादा अपने पिता से छोटे बताए गए हैं, तो कहीं बेटे की उम्र उसके पिता से अधिक दर्ज है। प्रदेश भर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद 27 लाख से ज्यादा नाम काटे जाने के बाद अब बचे हुए नामों में मौजूद ये त्रुटियां प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही हैं।
खामियों की बानगी: रिश्तों का बिगड़ा भूगोल
रायपुर के बीरगांव और ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में कई ऐसे उदाहरण सामने आए हैं:
उम्र का अंतर: कई मतदान केंद्रों की सूची में दर्ज आयु के अनुसार, एक परिवार में बेटे की उम्र 45 वर्ष है जबकि पिता की उम्र महज 40 वर्ष दिखाई गई है।
शून्य मकान नंबर: रायपुर के कई वार्डों में मतदाताओं के पते के सामने मकान नंबर '0' दर्ज है, जिससे यह पहचानना मुश्किल है कि वे किस घर के निवासी हैं।
पुराने नाम गायब: रामसागर पारा और अन्य पुराने इलाकों में उन मतदाताओं के नाम भी गायब हैं जो 1995 से वहां मतदान कर रहे हैं।
27 लाख वोटर्स पर चली 'कैंची'
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत:
कुल हटाए गए नाम: 27.34 लाख से अधिक।
रायपुर जिले में: अकेले रायपुर की आठ विधानसभाओं से 51,000 से अधिक नाम काटे गए हैं।
कारण: प्रशासन का कहना है कि ये नाम या तो शिफ्ट हो चुके मतदाताओं के थे, या मृत लोगों के, या फिर एक से अधिक जगह दर्ज (Duplicate) थे।
सियासी वार-पलटवार
इन खामियों और बड़े पैमाने पर नाम कटने को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है:
कांग्रेस का आरोप: पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय सहित कांग्रेस नेताओं ने इसे "मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की साजिश" करार दिया है। उनका कहना है कि सरकारी कर्मचारियों ने घर-घर जाए बिना टेबल पर बैठकर सूची तैयार की है।
भाजपा का रुख: सत्ताधारी दल ने इसे चुनाव आयोग की एक पारदर्शी प्रक्रिया बताया है और कहा है कि जिनका नाम कटा है, वे सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं।
निर्वाचन आयोग की सफाई और समाधान
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट किया है कि यह अभी 'ड्राफ्ट रोल' (प्रारूप प्रकाशन) है।
दावा-आपत्ति: जिन मतदाताओं के नाम में त्रुटि है या नाम कट गया है, वे 22 जनवरी 2026 (अंतिम तिथि निकलने के बाद भी विशेष मामलों में) ऑनलाइन या बीएलओ के माध्यम से सुधार करवा सकते हैं।
सुधार का मौका: उम्र और रिश्तों की गलतियों को फॉर्म-8 भरकर सुधारा जा सकता है।








