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विश्व स्वास्थ्य दिवस: रायपुर के गांवों में ही होंगी 64 तरह की जांचें, अब बड़े अस्पतालों के चक्करों से मिलेगी मुक्ति; मोबाइल पर मिलेगी रिपोर्ट

रायपुर। विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ग्रामीण अंचलों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब ग्रामीणों को छोटी-बड़ी बीमारियों की जांच के लिए शहर के बड़े अस्पतालों या पंडरी स्थित जिला अस्पताल की दौड़ नहीं लगानी होगी। स्वास्थ्य विभाग ने एक आधुनिक व्यवस्था शुरू की है, जिसके तहत सुदूर गांवों में ही 64 प्रकार की पैथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सबसे खास बात यह है कि मरीजों को अपनी रिपोर्ट के लिए दोबारा अस्पताल आने की जरूरत नहीं होगी; रिपोर्ट सीधे उनके मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप या एसएमएस के जरिए भेज दी जाएगी।

पंडरी स्थित जिला अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य 'अंतिम व्यक्ति' तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना है। ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और उप-स्वास्थ्य केंद्रों में अब खून, पेशाब और अन्य महत्वपूर्ण जांचों के लिए उन्नत मशीनें स्थापित की जा रही हैं। इससे न केवल मरीजों के समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि गंभीर बीमारियों का शुरुआती स्टेज पर ही पता चल सकेगा।
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, यह तकनीक-आधारित व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शी है। सैंपल लेते ही उसे डिजिटल पोर्टल पर दर्ज किया जाता है और लैब से रिपोर्ट तैयार होते ही ऑटोमैटिक तरीके से मरीज के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेज दी जाती है। इससे रिपोर्ट खोने या उसे कलेक्ट करने के लिए बार-बार चक्कर लगाने की समस्या खत्म हो गई है। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर रायपुर मॉडल की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए एक नजीर बन रही है, जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को नई मजबूती मिली है।







