रायपुर: राजधानी में बढ़ते सड़क हादसों को रोकने और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता लाने के लिए पुलिस ने अब स्कूलों के बाहर मोर्चा संभाल लिया है। हाल ही में की गई एक बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने उन स्कूली छात्रों के खिलाफ चलानी कार्रवाई की है, जो बिना हेलमेट और वैध ड्राइविंग लाइसेंस के दोपहिया वाहनों से स्कूल पहुँच रहे थे। इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले लगभग 30 छात्रों पर जुर्माना (चालान) लगाया है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पाया कि कई छात्र न केवल बिना सुरक्षा उपकरणों (हेलमेट) के वाहन चला रहे थे, बल्कि उनमें से अधिकांश नाबालिग थे, जिनके पास वाहन चलाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था। पुलिस टीम ने स्कूलों के प्रवेश द्वारों पर चेकिंग पॉइंट लगाकर इन वाहनों को रोका। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल जुर्माना वसूलने के लिए नहीं, बल्कि बच्चों की जान सुरक्षित करने के लिए चलाया जा रहा है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग ने स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को भी सख्त चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वाहन देना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि उनके जीवन के लिए अत्यंत जोखिम भरा भी है। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को बिना लाइसेंस वाहन न सौंपें, वरना भविष्य में वाहन मालिकों (माता-पिता) के विरुद्ध भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यातायात विशेषज्ञों के अनुसार, कम उम्र में वाहन चलाने से सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है क्योंकि किशोरों में निर्णय लेने की परिपक्वता और यातायात संकेतों की समझ कम होती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में यह चेकिंग अभियान शहर के अन्य प्रमुख स्कूलों और कोचिंग सेंटरों के बाहर भी निरंतर जारी रहेगा ताकि छात्र नियमों का पालन करने के प्रति गंभीर हों।
अंत में, पुलिस ने जब्त किए गए वाहनों को केवल उनके अभिभावकों की उपस्थिति में ही छोड़ा और उनसे शपथ पत्र भी भरवाया कि वे दोबारा बच्चों को वाहन चलाने के लिए नहीं देंगे। इस कार्रवाई से उन छात्रों और अभिभावकों में हड़कंप मचा है जो अब तक नियमों को हल्के में ले रहे थे।








