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Raipur Teacher Protest: टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों का तुता मैदान में सत्याग्रह, पदोन्नति की मांग पर पुलिस ने रोका मार्च

Chhattisgarh 05 September 2026

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रायपुर, 5 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों ने लंबित पदोन्नति की मांग को लेकर नवा रायपुर के तुता मैदान में ‘टीईटी आधारित पदोन्नति न्याय सत्याग्रह’ किया। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे शिक्षकों ने पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग उठाई। सत्याग्रह के बाद शिक्षक शांतिपूर्ण रैली के रूप में शिक्षा मंत्री के निवास की ओर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी शिक्षक सड़क पर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। 

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टीईटी योग्यता के आधार पर पदोन्नति की मांग

प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के प्रावधानों और छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र का हवाला देते हुए पदोन्नति प्रक्रिया में टीईटी योग्यता को महत्व देने की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि निर्धारित पात्रता मानकों का पालन करते हुए वरिष्ठता सूची जारी की जाए और पात्र शिक्षकों के पदोन्नति आदेश जल्द जारी किए जाएं।

शिक्षकों के अनुसार योग्य और विषयानुकूल शिक्षकों की पदोन्नति से प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। प्रदर्शनकारियों ने पदोन्नति में देरी को लेकर भी नाराजगी जताई।

14 हजार विषय विशेषज्ञ पदों का मुद्दा

शिक्षक संगठनों ने प्रदेश के स्कूलों में रिक्त पदों का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार माध्यमिक विद्यालयों में करीब 14 हजार विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने हैं। इसके अलावा प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में लगभग 4 हजार प्रधान पाठक पद रिक्त होने का दावा किया गया।

शिक्षकों का कहना है कि पदोन्नति प्रक्रिया लंबित रहने से स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है, जिसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ सकता है। �

Aaj Ki Jandhara

समय-सीमा के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं होने का आरोप

प्रदर्शनकारियों ने पदोन्नति प्रक्रिया में देरी को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। शिक्षकों का दावा है कि प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए 30 जून, 10 अगस्त और 30 अगस्त तक की समय-सीमा निर्धारित की गई थी, लेकिन कई स्थानों पर अब तक वरिष्ठता सूची जारी नहीं हुई है।

शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि निर्धारित नियमों के तहत लंबित प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए और पात्र शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ दिया जाए।

मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप की मांग

आंदोलन में शामिल शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की। उनका कहना है कि शैक्षणिक योग्यता, व्यावसायिक पात्रता और टीईटी से जुड़े नियमों का पालन करते हुए पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए है और वे वरिष्ठता सूची जारी करने के साथ ही लंबित पदोन्नति आदेश जल्द जारी करने की मांग कर रहे हैं।

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