रायपुर। डिजिटल युग में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों को देखते हुए छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के लिए नई पहल की गई है। अब राज्य के स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को ऑनलाइन ठगी से बचने, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य शिक्षकों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना और उन्हें डिजिटल खतरों से सुरक्षित करना है।
विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है। इस कोर्स में उन्हें यह सिखाया जाएगा कि फर्जी कॉल, मैसेज, ई-मेल और ऑनलाइन लिंक की पहचान कैसे करें। साथ ही बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग और डेटा चोरी से बचाव के उपाय भी बताए जाएंगे।
AI के सही उपयोग पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी। इसमें बताया जाएगा कि AI किस तरह शिक्षा को बेहतर बना सकता है और इसके गलत इस्तेमाल से कैसे बचा जा सकता है।
छात्रों तक पहुंचेगी जागरूकता
सरकार का मानना है कि जब शिक्षक डिजिटल रूप से जागरूक होंगे, तभी वे छात्रों को भी सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल की सीख दे सकेंगे। इससे स्कूलों में साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और आने वाली पीढ़ी ऑनलाइन फ्रॉड से सतर्क रहेगी।
साइबर अपराधों पर लगेगा अंकुश
तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। शिक्षकों को दी जा रही यह ट्रेनिंग न सिर्फ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि समाज में डिजिटल जागरूकता फैलाने में भी मददगार साबित होगी।








