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रायपुर के 'स्वच्छता वीरों' को बड़ी सौगात! 3 दिन के स्पेशल कैंप में 41 तरह की फ्री जांचें, 130 दवाइयों का वितरण; जानें कैसे मिली राहत

Chhattisgarh RRT News Desk 25 March 2026

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रायपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक 2 में कार्यरत सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर का सफल समापन हुआ। मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) और दाई-दीदी क्लीनिक की टीमों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। शहर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इन कर्मियों के लिए शासन के निर्देशानुसार यह पहल की गई, ताकि जमीनी स्तर पर दिन-रात काम करने वाले स्वच्छता प्रहरियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

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इस विशेष अभियान के दौरान सफाई मित्रों का न केवल सामान्य परीक्षण हुआ, बल्कि उन्हें उन्नत चिकित्सा सुविधाएं भी मौके पर ही उपलब्ध कराई गईं। शिविर में हीमोग्लोबिन, शुगर, थायरॉइड प्रोफाइल, लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) और रीनल फंक्शन टेस्ट (RFT) समेत कुल 41 प्रकार की पैथोलॉजी जांचें पूरी तरह निःशुल्क की गईं। साथ ही, विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए 130 तरह की आवश्यक दवाइयों का वितरण भी किया गया। शरीर दर्द, त्वचा संबंधी समस्याओं और बीपी-शुगर जैसी बीमारियों का तत्काल उपचार मिलने से कर्मियों को बड़ी राहत मिली है।

इलाज के साथ-साथ इस शिविर की एक मुख्य विशेषता 'जागरूकता सत्र' रही। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सफाई मित्रों को कार्य के दौरान संक्रमण से बचने के तरीके और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के गुर सिखाए। उन्हें तंबाकू, गुटखा और अत्यधिक चाय के सेवन जैसी हानिकारक आदतों को छोड़कर संतुलित आहार अपनाने की सलाह दी गई। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि शहर को साफ रखने वाले इन हाथों का खुद स्वस्थ रहना समाज के समग्र विकास के लिए अनिवार्य है। मौके पर ही परामर्श मिलने से कई गंभीर बीमारियों को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ने में मदद मिली है।

राज्य सरकार द्वारा संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट्स ने स्लम क्षेत्रों और कामकाजी वर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहद सुलभ बना दिया है। स्थानीय लाभार्थियों ने इस पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि रोजाना अस्पताल जाना उनके लिए कठिन होता था, लेकिन अब काम के स्थान पर ही विशेषज्ञ डॉक्टरों और मुफ्त दवाओं की सुविधा मिलने से उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है। इस तरह के नियमित शिविरों से न केवल कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ रही है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और स्वस्थ कार्य वातावरण का अहसास भी हो रहा है।

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