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43 साल बाद वतन वापसी: रायपुर लौटी दुर्लभ 'अवलोकितेश्वर' प्रतिमा, अमेरिका ने लौटाई छत्तीसगढ़ की करोड़ों की धरोहर

Chhattisgarh 03 May 2026 (32)

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Raipur - छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक इतिहास के लिए आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। लगभग 43 साल पहले सिरपुर से चोरी हुई भगवान बुद्ध के स्वरूप 'अवलोकितेश्वर' की अत्यंत दुर्लभ प्रतिमा आखिरकार वापस रायपुर पहुंच गई है। करोड़ों रुपये की अंतरराष्ट्रीय कीमत वाली यह सांस्कृतिक धरोहर अमेरिका के एक संग्रहालय में पाई गई थी, जिसे भारत सरकार और पुरातत्व विभाग के कड़े प्रयासों के बाद स्वदेश लाया गया है। 1980 के दशक में तस्करी के जरिए देश से बाहर भेजी गई यह प्रतिमा छत्तीसगढ़ की गौरवशाली बौद्ध विरासत का एक जीवंत प्रतीक है।

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आठवीं-नौवीं शताब्दी की यह प्रतिमा पत्थर की नक्काशी का अद्भुत नमूना है, जो महासमुंद जिले के सिरपुर (प्राचीन श्रीपुर) की कला शैली को प्रदर्शित करती है। सिरपुर, जो कभी बौद्ध धर्म और शिक्षा का एक विशाल केंद्र था, वहां से कई बेशकीमती मूर्तियां अंतरराष्ट्रीय तस्करों के जरिए विदेशों में बेची गई थीं। अमेरिका द्वारा इस धरोहर को लौटाना अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक सहयोग और भारत की पुरावशेषों को वापस लाने की नीति की एक बड़ी जीत मानी जा रही है। प्रतिमा के वापस आने से इतिहासकारों और पुरातत्व प्रेमियों में भारी उत्साह है।

रायपुर पहुंचने पर इस प्रतिमा का भव्य स्वागत किया गया और इसे सुरक्षा के बीच महंत घासीदास संग्रहालय या सिरपुर के स्थानीय संग्रहालय में संरक्षित करने की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रतिमा की वापसी से सिरपुर को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट (UNESCO World Heritage Site) की दौड़ में और मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में यह पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेगी। सरकार अब उन अन्य कलाकृतियों की पहचान करने में भी जुटी है जो दशकों पहले छत्तीसगढ़ के विभिन्न अंचलों से गायब होकर विदेशी दीर्घाओं की शोभा बढ़ा रही हैं।

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