रायपुर पुलिस ने हाल के महीनों में शहर के कई बड़े मामलों में तोमर भाइयों की भूमिका को संदिग्ध पाया है। पुलिस की विशेष टीम इन दोनों भाइयों के खिलाफ दर्ज शिकायतों की गहराई से जांच कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने पहले रूबी तोमर से लंबी पूछताछ की थी और अब उनके भाई रोहित तोमर को रडार पर लिया गया है।
रोहित तोमर से पुलिस की पूछताछ
पुलिस ने रोहित तोमर को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया। सूत्रों के अनुसार, रोहित से वित्तीय लेन-देन, भू-माफियाओं से संबंध और कुछ पुरानी शिकायतों के आधार पर सवाल-जवाब किए गए। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन भाइयों का कोई संगठित सिंडिकेट शहर में सक्रिय है। हालांकि, पूछताछ के दौरान रोहित ने अधिकांश आरोपों को निराधार बताया है।
सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम राहत
तोमर भाइयों के लिए राहत की बात यह है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, पुलिस फिलहाल उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकती है, लेकिन उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा। इसी कानूनी ढाल के कारण रोहित तोमर पूछताछ के लिए पेश तो हुए, लेकिन पुलिस उनके खिलाफ कोई कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर पाई।
रूबी तोमर का मामला और पुलिस की तैयारी
इससे पहले रूबी तोमर से हुई पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले थे। पुलिस का मानना है कि दोनों भाइयों के नेटवर्क शहर के कई रसूखदार लोगों तक फैले हुए हैं। पुलिस अब उन साक्ष्यों को इकट्ठा करने में जुटी है, जिन्हें कोर्ट के समक्ष पेश कर उनकी अग्रिम राहत को चुनौती दी जा सके। रायपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित है।
शहर में चर्चा का विषय
तोमर भाइयों पर हो रही इस कार्रवाई ने राजधानी रायपुर के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। कई पुराने पीड़ित अब खुलकर सामने आने लगे हैं और पुलिस के पास नई शिकायतें भी पहुंच रही हैं। पुलिस प्रशासन ने जनता को आश्वस्त किया है कि किसी भी रसूखदार व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं रहने दिया जाएगा और मामले की तह तक जाकर सच्चाई सामने लाई जाएगी।








