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रायपुर पुलिस का बड़ा धमाका: सात समंदर पार अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार, डार्क वेब से जुड़े तार
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राजधानी रायपुर की साइबर सेल और क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने विदेशी नागरिकों, विशेषकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले फर्जी कॉल सेंटर के मास्टरमाइंड विकास शुक्ला को सोलापुर से गिरफ्तार कर लिया है। यह मास्टरमाइंड डार्क वेब के जरिए अमेरिकी नागरिकों का डेटा हासिल करता था और फिर लोन दिलाने या सिविल स्कोर (SSN) सुधारने के बहाने उनसे करोड़ों रुपये की ठगी करता था। पुलिस अब तक इस गिरोह के 42 सदस्यों को जेल भेज चुकी है।

जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह रायपुर के गंज और न्यू राजेंद्र नगर जैसे पॉश इलाकों में 'पिथालिया कॉम्प्लेक्स' और 'अंजनी टावर' से अपना काला कारोबार चला रहा था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान मास्टरमाइंड के पास से 67 मोबाइल, 18 लैपटॉप और कई हाई-टेक कंप्यूटर सेट जब्त किए हैं। यह गिरोह इतना शातिर था कि अमेरिकन एक्सेंट में बात करने के लिए बकायदा ट्रेनिंग लेता था और ठगी की रकम को डिजिटल वॉलेट और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ठिकाने लगाता था। अब तक की जांच में करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की आशंका जताई गई है।
रायपुर एसएसपी ने बताया कि मास्टरमाइंड विकास शुक्ला तकनीकी रूप से बेहद सक्षम है और उसने पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदली, लेकिन तकनीकी विश्लेषण के जरिए उसे धर दबोचा गया। इस गिरोह का कनेक्शन गुजरात, यूपी, बिहार और यहां तक कि चीन से भी जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि डार्क वेब पर डेटा बेचने वाले गिरोह में और कौन-कौन शामिल है। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी चाहे सात समंदर पार ही क्यों न हों, कानून के हाथ उन तक पहुंच ही जाते हैं।







