राजधानी रायपुर के निवासियों के लिए एक बड़ी खबर है। भारत सरकार की जनहितैषी योजना के तहत अब शहर में नेचुरल गैस (PNG) पहुँचाने की तैयारी शुरू हो गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा अधिकृत 'हरियाणा सिटी गैस कंपनी' को शहर में पाइपलाइन बिछाने का जिम्मा सौंपा गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर नगर निगम प्रशासन ने पूरी तरह कमर कस ली है और कार्य को सुचारू बनाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
आयुक्त श्री विश्वदीप ने ली बैठक
नगर निगम मुख्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में आयुक्त श्री विश्वदीप ने प्रोजेक्ट की समीक्षा की। इस बैठक में अपर आयुक्त श्री पंकज के शर्मा, सभी जोन कमिश्नरों, विभिन्न विभागों के कार्यपालन अभियंताओं और 'हरियाणा सिटी गैस एजेंसी' के प्रतिनिधि श्री राकेश रंजन उपस्थित रहे।
निगम के सख्त निर्देश (प्रमुख बिंदु):
एनओसी और शुल्क अनिवार्य: गैस कंपनी को निर्देश दिए गए हैं कि काम शुरू करने से पहले नगर निगम से नियमानुसार एनओसी (NOC) लें और निर्धारित शुल्क जमा करें।
पेयजल पाइपलाइन की सुरक्षा: सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह है कि गैस पाइपलाइन बिछाते समय शहर की पेयजल पाइपलाइनों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुँचना चाहिए। गर्मी के मौसम को देखते हुए आयुक्त ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने को कहा है।
तत्काल सड़क मरम्मत: पाइपलाइन के लिए खोदे गए सड़क मार्गों की उसी समय प्राथमिकता से मरम्मत और सुधार करना अनिवार्य होगा, ताकि नागरिकों को आवागमन में कोई असुविधा न हो।
विभागीय समन्वय: गैस एजेंसी को निर्देशित किया गया है कि वे नगर निगम के जोन स्तर पर जल विभाग और नगर निवेश विभाग के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखें।
नागरिकों की सुविधा सर्वोपरि
आयुक्त श्री विश्वदीप ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार की मंशा के अनुरूप यह कार्य प्राथमिकता से किया जाना है, लेकिन इसकी वजह से राजधानी के नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में रहकर कार्य की मॉनिटरिंग करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
इस परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि आने वाले समय में रायपुर के घरों में भी नेचुरल गैस की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। अब देखना यह होगा कि एजेंसी कितनी तत्परता और सावधानी के साथ इस कार्य को अंजाम देती है।


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