CG News- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित एशिया के सबसे बड़े मानव निर्मित सफारी "नंदनवन जू और जंगल सफारी" की सैर करने वाले वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने पर्यटकों के लिए विभिन्न सुविधाओं की मौजूदा दरों में उल्लेखनीय वृद्धि करने का एक नया प्रस्ताव तैयार किया है। इस नए प्रस्ताव के स्वीकृत होकर लागू होने के बाद, सफारी के भीतर मिलने वाली लगभग सभी बुनियादी और वीआईपी सुविधाओं के लिए लोगों को पहले के मुकाबले काफी ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।
विभाग द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव के तहत सामान्य प्रवेश शुल्क (Entry Fee), सफारी राइड के टिकट, व्यक्तिगत या वीआईपी जिप्सी बुकिंग और यहां तक कि फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी के शुल्कों में भी भारी बढ़ोतरी की बात कही गई है। इसका सीधा असर छुट्टियों और वीकेंड्स पर परिवार के साथ घूमने आने वाले स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ प्रदेश के बाहर से आने वाले पर्यटकों पर भी पड़ेगा। अधिकारियों का मानना है कि सफारी के बेहतर रखरखाव, जानवरों की बढ़ती देखभाल संबंधी खर्चों और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार को देखते हुए दरों में संशोधन किया जाना बेहद जरूरी हो गया है।
प्रस्तावित नई दरों के लागू होते ही अधिकांश श्रेणियों के टिकटों में भारी अंतर देखने को मिलेगा, जिससे वन्यजीवों को करीब से देखने का रोमांच अब थोड़ा महंगा साबित होगा। हालांकि, विभाग का दावा है कि शुल्क बढ़ने के बाद पर्यटकों को दी जाने वाली सुविधाओं और सुरक्षा के स्तर को भी और अधिक उन्नत (अपग्रेड) किया जाएगा। फिलहाल इस विभागीय प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगनी बाकी है, लेकिन प्रशासन की तैयारियों को देखकर यह साफ है कि जल्द ही पर्यटकों को जंगल सफारी की नई और महंगी मूल्य सूची का सामना करना पड़ेगा।








